कैंट तहसील में दो महीने 12 दिन से लटकी थीं 197 रजिस्ट्री, डीसी ने दिए जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
कैंट तहसील की कार्यप्रणाली पर पहले से ही प्रश्न चिन्ह लगते रहे हैं, सोमवार दोपहर को भी डीसी शरणदीप कौर बराड़ के एकाएक निरीक्षण के दौरान यहां कई खामियां मिली। निरीक्षण के दौरान डीसी को तहसील ऑफिस में जनवरी माह से अब तक 197 रजिस्ट्री ऐसी मिली जिनको अभी तक पंजीकृत ही नहीं किया गया है। डीसी ने इस मामले में जांच के आदेश दिए और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही डीसी ने अधिकारियों से कहा कि सरकार ने 16 घंटे तक काम करने के निर्देश दिए हैं, तहसील में दोपहर 2:20 के बाद रजिस्ट्रेशन का काम क्यों बंद कर दिया जाता है। डीसी के इस प्रश्न पर सभी अधिकारी अवाक होकर खड़े रहे। करीब डेढ़ घंटे तक तहसील और एसडीएम कार्यालयों का निरीक्षण डीसी ने किया। इस दौरान बार एसोसिएशन ने भी मांगों को लेकर डीसी को ज्ञापन दिया जबकि तहसील में रजिस्ट्री क्लर्क के खिलाफ शिकायत भी दी गई। इस मौके पर एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग, तहसीलदार राजेश पूनिया, नायब तहसीलदार कौशल, सीएमजीजीए कुमारी अर्चना सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
यह मिली डीसी को मुख्य खामियां
तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री का समय सुबह नौ बजे से दोपहर 2:20 बजे तक अंकित था। इस पर डीसी ने कहा कि इस समय के बाद भी जनता की सुविधा के लिए रजिस्ट्री हो सकती है। सरकार ने 16 घंटे काम करने के निर्देश दिए हैं और गुरुग्राम में इस पर अमल भी शुरू हो चुका है। अन्य शहरों में भी जल्द इस पर अमल होगा, ऐसे में स्टाफ ज्यादा समय काम की आदत डाले। तहसील कार्यालय में करीब 197 रजिस्ट्री बिना पंजीकरण के पड़ी मिली। इस पर उन्होंने रिकार्ड चेक करने और जांच के आदेश दिए। डीसी बोलीं कि किसी की लापरवाही के कारण जनता का काम किसी भी सूरत में लटकना नहीं चाहिए। पटवारियों द्वारा जमीन की निशानदेही दर्ज करने के रजिस्टर पर डीसी को कोई तारीख अंकित नहीं मिली। ऐसे में साफ नहीं था कि निशानदेही किस दिन चेक की गई है, इसपर भी डीसी ने ऐतराज जताया और तारीख अंकित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने यह जांचे दस्तावेज
निरीक्षण में डीसी ने कैशबुक, लंबित कोर्ट केस और कार्यालय से संबंधित अन्य कार्यों की भी गहनता से जांच की। वाहन रजिस्ट्रेशन, चालक लाइसेंस, शादी पंजीकरण, राजस्व पंजीकरण सहित अन्य सेवाएं निर्धारित समय अवधि में देने प्रदान करने को कहा गया। इसके अलावा तहसील कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने संपत्ति पंजीकरण के लिए ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट, भूमि पंजीकरण, रजिस्ट्री के दस्तावेजों का वितरण सहित अन्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।
बार एसोसिएशन ने उठाई मांगें
निरीक्षण के दौरान एसडीएम और तहसील परिसर में बैठे कैंट बार एसोसिएशन की ओर से प्रवीण कुमार व अन्य ने कई मांगें उठाई। उन्होंने कहा कि यहां पर वकीलों के बैठने के लिए लाइट व अन्य सुविधाएं नहीं है। डीसी ने इस मसले पर विचार करने का आश्वासन दिया। वहीं डीसी को जानकारी मिली की एसडीएम कार्यालय में पार्किंग का कांट्रेक्ट जिस पार्टी को दिया गया था वह छोड़ गया है। इस मसले पर भी उन्होंने व्यवस्था बनाने के निर्देश एसडीएम को दिए।
कुछ सेवाओं के रजिस्टर आदि पूरी तरह तैयार न होने के कारण अधिकारियों को यह दस्तावेज शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। तहसील में बैठे अधिवक्ताओं ने भी अपनी समस्याओं के बारे में उपायुक्त को अवगत करवाया जिस पर कार्रवाई होगी। -शरणदीप कौर बराड़, उपायुक्त