मर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। सरकार की ओर से रोडवेज विभाग की बसों के नाइट रूट बंद करने पर जहां रोडवेज चालकों-परिचालकों में रोष देखा जा रहा है, वहीं इसको लेकर वीरवार शाम करीब 300 विद्यार्थी इकट्ठे होकर अंबाला रोडवेज वर्कशॉप में सरकार व विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। काफी देर तक चले इस रोष-प्रदर्शन के बाद विभाग ने किसी तरह इन रूटों पर बसों को भेजकर मामला तो शांत करवा लिया। लेकिन विद्यार्थियों का कहना था कि विभाग अपनी मनमर्जी के चक्कर में उनकी पढ़ाई खराब करने में भी लगा है।
शाम करीब छह बजे आईटीआई, पॉलीटेक्निक व अन्य कॉलेजों के छात्रों ने हंगामा कर दिया और सरकार व विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोडवेज के अंबाला वर्कशाप में पहुंच गए। जहां उन्होंने जमकर हंगामा किया। हंगामा बढ़ता देख रोडवेज के अधिकारी व भारी पुलिस बल भी वहां पहुंच गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि अक्सर रोडवेज की बस में जब वह अपने कॉलेज आते-जाते हैं तो चालक परिचालक उनके पास को लेकर झगड़ पड़ते हैं। बसों में सरकार की ओर से पास सुविधा तो दी गई, लेकिन विभाग के कर्मचारी अपनी मनमानी कर उन्हें बसों से नीचे उतार देते हैं और कह देते हैं कि इस बस में पास नहीं चलेगा।
यह रूट हो रहे अधिक प्रभावित
रोष प्रदर्शन करने पहुंचे बरवाला, ठोल, निहारसी, इस्माईलाबाद, ललाना, धुराना, ठरवा माजरी, सोंडा, जलबेड़ा, बहबलपुर, बेगोमाजरा व अन्य गांवों के छात्रों ने बताया कि उनके रूट पर सुबह 8.15 पर व शाम 5.30 पर आखिरी बस है। लेकिन कुछ दिन से रूट पर बसें न चलने से उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हो जाती है। छात्रों ने आरोप लगाया कि विभाग अपनी मनमानी के चक्कर में उनकी पढ़ाई खराब करने में लगा है।
रूटों में किया जा रहा कुछ बदलाव
मौके पर पहुंचे विभाग के ट्रैफिक मैनेजर कर्मबीर सिंह ने बताया कि नाइट बसें बंद होने से कुछ ज्यादा दिक्कत नहीं आ रही, जहां भी परेशानी दिखाई दे रही हैं वहां लंबे रूट की कुछ बसों का सहारा लिया जा रहा है और ओवरटाइम देकर कर्मियों को रूटों पर भेजा जा रहा है। जहां एक ओर छात्रों का हंगामा चल रहा था, वहीं दूसरी ओर रोडवेज विभाग के कर्मचारी भी अपनी-अपनी 8 घंटे की ड्यूटी पूरी होने के बाद इन रूटों पर बसें ले जाने से मना करते दिखे, हालांकि बाद में कुछ चालकों -परिचालकों को रूटों पर भेज दिया गया। वहीं ट्रैफिक मैनेजर कर्मबीर सिंह ने बताया कि नाइट में चलने वाली 25 बसें हैं, जिन्हें बंद किया गया है, उनके 25 चालक व 25 परिचालक हैं।
एक-दूसरे पर लगाए आरोप-प्रत्यारोप
जहां एक ओर छात्रों का हंगामा चल रहा था, वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक मैनेजर कर्मबीर सिंह ने किसी का नाम न लेते हुए इस हंगामे पर कहा कि यह छात्र किसी के भड़काने पर यहां आए हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग के कर्मचारी जो कि 8 घंटे ड्यूटी खत्म होने पर दोबारा रूट पर जाने से मना कर रहे थे, उन्होंने कहा कि विभाग किसी भी तरह का ओवरटाइम या उसके बदले में रेस्ट नहीं दे रहा।
ठूंस-ठूंसकर भरे छात्र
वीरवार शाम रोष-प्रदर्शन के बाद जब छात्रों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए विभाग ने बसों में चढ़ने के लिए छात्रों को बोला तो ऐसे में छात्रों की इतनी भीड़ जमा हो गई, जिससे छात्रों को जबरन ठूंस-ठूंस कर वहां से बसों में भरकर रवाना किया गया। बता दें कि विभाग की एक बस में 52 बैठने के लिए सीट होती हैं, लेकिन वीरवार शाम एक-एक बस में रोष-प्रदर्शन कर रहे करीब 150-150 छात्र भरे गए।
आदेशों हो रही पालना
अंबाला रोडवेज डिपो में कार्यरत ड्यूटी इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि नाइट में कुछ रूट पर बसें बंद होने से परेशानी तो हुई है, लेकिन कर्मचारी भी 8 घंटे से ज्यादा ड्यूटी देने से कतराते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि वह विभाग के आदेशों का पालन कर रहे हैं। रोडवेज डिपो में छात्रों का हंगामा बढ़ता देख जहां मौके पर रोडवेज के अधिकारियों में ट्रैफिक मैनेजर कर्मबीर सिंह, ड्यूटी इंस्पेक्टर मौजूद रहे वहीं बलदेव नगर थाना एसएचओ बलवान सिंह, पुलिस चौकी सेक्टर-7 इंचार्ज शेर सिंह व अन्य पुलिस बल मौजूद रहा। बता दें कि सरकार द्वारा 29 नवंबर को ग्रामीण रूटों पर नाइट में निकलने वाली गाड़ियों को बंद करने के फरमान जारी कर दिए गए थे। कर्मचारियों का ओवरटाइम बंद करने पर भी कर्मियों ने 8 घंटे से ज्यादा समय ड्यूटी देने पर भी विवाद कर दिया था, जिसके बाद विभाग की ओर से तय किया गया था कि अगर कोई कर्मी 8 घंटे से ज्यादा समय ड्यूटी देगा तो उसे ओवरटाइम के रुपये की बजाय उतना ही रेस्ट दे दिया जाएगा। वहीं सूत्रों से यह भी पता चला है कि अंबाला डिपो को 36 नए कंडक्टर मिले हैं, जो जल्द ही ड्यूटी पर आएंगे।