अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। देश भर के ट्रांसपोर्टर शुक्रवार से मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। ट्रांसपोर्टरों ने सरकार से आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए जेल जाने की भी तैयारी कर ली है। फिलहाल हड़ताल का पहला दिन होने की वजह से इसका कुछ खास असर दिखाई नहीं दे रहा है। सब्जियों एवं दूध की सप्लाई ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल के पहले दिन की, मगर शनिवार से इसकी सप्लाई भी बंद कर दी जाएगी जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ेगा। उधर, ट्रांसपोर्टरों ने मोहड़ी एवं कुलदीप नगर में एकजुट होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
रविवार से बाजार पर पड़ सकता है हड़ताल का असर
जिले के 570 ट्रांसपोर्टरों ने विभिन्न एसोसिएशन के बैनर तले हड़ताल में शामिल होकर विरोध जताया। शुक्रवार को बाजार पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा, क्योंकि अभी सैकड़ों ट्रक विभिन्न सामान की आपूर्ति करने के लिए बीच रास्तों पर हैं और आपूर्ति करने के बाद वह हड़ताल में पूर्ण रूप से शामिल हो जाएंगे। इसके अलावा शुक्रवार को सब्जियों एवं दुग्ध उत्पादों की पूरी तरह से अंबाला में सप्लाई हुई। सिटी व कैंट सब्जी मंडी में ट्रकों में सब्जियों की आपूर्ति हुई है, मगर शनिवार से इस पर असर पड़ेगा और रविवार तक सब्जी के भाव भी आसमान छूने की उम्मीद है।
ट्रांसपोर्टरों ने जताया विरोध
कुलदीप नगर एवं मोहड़ी में इकट्ठा हुए ट्रांसपोर्टरों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। एसोसिएशन पदाधिकारियों का आरोप था कि सरकार चाहती तो इस मामले को हल कर सकती थी, मगर इस संबंध में सरकार का रवैया नकारात्मक रहा। उन्होंने कहा कि अभी हड़ताल का प्रारंभिक चरण है, यदि सरकार मांगें नहीं मानती तो हड़ताल का रुख आगे बढ़ेगा जिससे दिक्कत होगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सदस्य सब्जी मंडी में आढ़तियों से मिलकर आए हैं और उन्हें बताया गया है कि शनिवार से सब्जियों की आपूर्ति भी बंद कर दी जाएगी, यानि पूर्ण रूप से अब चक्का जाम होगा।
यह बोले एसोसिएशन के पदाधिकारी
- अंबाला कैंट गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सचिव मनु आनंद ने कहा कि ट्रांसपोर्टर कई बार सरकार से मिल चुके हैं परंतु कभी भी बात सिरे नहीं चढ़ी। सरकार लगातार दबाव बना रही है जबकि यहां गाड़ियों को चलाना मुश्किल हो रहा है। यदि सरकार ने बिना मांगें माने एस्मा लगा दिया तो ट्रांसपोर्टर जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
- अंबाला ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संजीव पराशर ने बताया कि पहले दिन हड़ताल को सफल बनाया गया है और पूरी तरह से अंबाला में ट्रक आपरेट नहीं हुए हैं। जैसे-जैसे हड़ताल आगे बढ़ेगी वैसे-वैसे दिक्कत होगी। सरकार को समय रहते ट्रांसपोर्टरों की मांगों पर विचार करना चाहिए था ताकि उन्हें हड़ताल पर जाने की नौबत ही नहीं आती।
चार एसोसिएशन पूर्ण रूप से शामिल रहीं हड़ताल में
अंबाला में ट्रांसपोर्टरों की कुल चार एसोसिएशन द अंबाला सिटी गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन अंबाला, अंबाला कैंट गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन एवं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मोहड़ी इस हड़ताल में सक्रिय तौर पर शामिल रहीं।
यह हैं ट्रांसपोर्टरों की मांगें
- डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी को रोका जाए एवं कीमतों पर त्रैमासिक संशोधन हो।
- टोल मुक्त बैरियर सड़कें हों, थर्ड पार्टी बीमा में पारदर्शिता लाई जाए।
- टीडीएस को समाप्त किया जाए।
- बसों व पर्यटन वाहनों के लिए नेशनल परमिट जारी हो।
- डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी योजना समाप्त हो।
- आयकर अधिनियम धारा 44-ए में ट्रक की अनुमानित आय को कम किया जाए।
- ई-वे बिल की त्रुटियों को दूर किया जाए ।
यह बोले यूनियन पदाधिकारी
अर्से से ट्रांसपोर्टर सरकार से वार्तालाप करने अपनी मांगों को हल कराने का प्रयास कर रहे थे। देश की अर्थव्यवस्था में वह अहम भूमिका निभाते हैं। इस महत्वपूर्ण कार्य में लगे ट्रांसपोर्टरों का शोषण हो रहा है। ट्रांसपोर्टर अपने हक के लिए इस समय लड़ रहे हैं और वह इससे पीछे नहीं हटेंगे।
-तिलक राज, अध्यक्ष, अंबाला कैंट, गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन।
- ट्रांसपोर्टर इस बार लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। पूरी लड़ाई इस बार लड़ी जा रही है और सरकार को उनकी मांगें माननी चाहिए। सरकार ट्रांसपोर्टरों के प्रति गलत व्यवहार कर रही है जोकि सही नहीं है।
-शशिकांत शर्मा, अध्यक्ष, द अंबाला सिटी गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन।
- अंबाला विभिन्न वस्तुओं की सप्लाई के मामले में बड़ा हब है। यहां पर सैन्य वस्तुओं की सप्लाई के अलाव दवाओं की आपूर्ति भारी मात्रा में होती है। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों के डिपो भी यहां पर स्थित हैं। हड़ताल लंबी हुई तो दिक्कत होगी। यूनियन को मजबूरी में हड़ताल पर जाने का निर्णय लेना पड़ा है और मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
-शीशपाल मोर, अध्यक्ष, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मोहड़ी।