अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। एक न्यायिक अधिकारी के घर में सिटी सिविल अस्पताल में तैनात नर्सों को भेजने का विरोध यहां समस्त नर्सों ने जताया। शुक्रवार सुबह कामकाज ठप कर दिया। उनका आरोप था कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें न्यायिक अधिकारी की मां की देखभाल को भेजा, जोकि नियमों के विपरीत है। उधर, अस्पताल में सुबह पहुंचे विधायक असीम गोयल को नर्सों ने अपना दर्द बताया। इसके बाद विधायक ने अधिकारियों से बात की जिसके बाद उन्हें आश्वासन दिया गया कि भविष्य में ऐसा नहीं होगा। आश्वासन मिलने पर वह काम पर लौटीं।
नर्सों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के आदेश पर उन्हें एक न्यायिक अफसर के घर पर उनकी मां की सेवा के लिए भेजा गया। इसके लिए पहले उन्होंने मना भी किया था, लेकिन इसके पश्चात भी उन्हें वहां भेजा गया। लेकिन वहां न तो उन्हें पानी पीने की सुविधा मिली और न ही हवा के लिए पंखे चलाए गए, वहीं साथ ही उनसे घर की सफाई भी करवाई गई। मामले की जानकारी अधिकारी को दी तो उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके विरोध में शुक्रवार को नर्सों ने अस्पताल के अधिकारियों से बात की और विधायक के पहुंचते ही उन्होंने अपनी आपबीती उनके समक्ष रखी। इसके बाद विधायक ने अधिकारी को निर्देश देते हुए उन्हें अस्पताल से बाहर किसी भी मरीज के घर उनकी सेवा करने के लिए न भेजने के लिए कहा। विधायक और अधिकारी की बात से संतुष्ट होकर वह अस्पताल मे अपने कार्य पर लग गईं।
यह निजी मामला था जिसे निपटा दिया गया है और सभी नर्स इससे संतुष्ट हैं।
-डा. अशोक कुमार, सीएमओ, अंबाला।