फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश से खेतों में फसलें खराब, मंडियों में भीगा धान

विज्ञापन
विज्ञापन
बारिश से खेतों में फसलें बिछीं, मंडियों में भीगा धान
विज्ञापन

फोटो नंबर----3 से 5
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शनिवार तड़के चार बजे तेज बारिश किसानों के लिए आफत बनकर बरसी। जिलेभर के खेतों में धान की पकी पकाई फसल बिछ गई। इससे करीब 30 प्रतिशत फसल की कम पैदावार होने की आशंका किसानों ने जताई है। वहीं मंडियों में बाहर रखा धान भी भीग गया।
शनिवार को अचानक आई बारिश और तेज हवा ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी। इससे खेतों में पकी हुई धान की फसल बिछ गई और अब इसके खराब होने का डर सताने लगा है। जो किसान मंडियों में फसल लेकर पहुंच चुके हैं, वह फसलों को तिरपाल से ढकने में लगे रहे। किसानों व आढ़तियों ने कहा कि अगर मंडियों में से पहले से ही गेहूं की फसल की बोरियों का उठान कर लिया होता तो उन्हें इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। जिलेभर की अधिकतर मंडियों में से गेहूं की फसल का उठान अभी तक नहीं हुआ है और एक अक्तूबर से धान की फसल की खरीद आरंभ हो जाएगी। आढ़तियों ने हैफेड अधिकारियों को चेतावनी भी दी कि अगर वह इन फसल का जल्द उठान नहीं करते हैं तो 25 सितंबर के बाद वह धरने पर बैठ जाएंगे।
विज्ञापन

----------
भीगी फसल को शेड में ले जाने को मजबूर हुए किसान
मंडियों में भीगी हुई फसल को सुखाने के लिए किसान व आढ़ती इसे दूसरे शेडों में शिफ्ट कर रहे हैं। आढ़तियों ने कहा कि मंडी में पहले से पड़ी गेहूं की बोरियों के कारण शेड भरे हुए हैं, जिस कारण उनके पास अपनी फसल रखने के लिए जगह ही नहीं बची है। अगर फसल गीली होने के कारण खराब हो गई तो वह बर्बाद हो जाएंगे, जिस कारण वह अपनी फसल को शिफ्ट कर रहे हैं।
सिटी अनाज मंडी में 41,650 क्विंटल धान की हो चुकी आवक
तारीख क्विंटल में
13 सितंबर 80
14 सितंबर 225
15 सितंबर 580
16 सितंबर 420
17 सितंबर 1765
18 सितंबर 4200
19 सितंबर 6155
20 सितंबर 11455
21 सितंबर 16770
-----
सिटी अनाज मंडी में 72000, शहजादपुर मंडी में 43733 बोरियों का नहीं हुआ उठान
सिटी अनाज मंडी में अभी भी गेहूं की फसल की 72000 बोरियां और शहजादपुर मंडी में 43733 बोरिया शेड में पड़ी हैं, जिस कारण किसानों को धान की फसल रखने के लिए परेशानी हो रही है। शहजादपुर के मंडी प्रधान हरवंश सिंह ने बताया कि कई बार गेहूं के उठान की मांग कर चुके हैं लेकिन उनकी कोई नहीं सुन रहा।
विज्ञापन

----
बासमती के साथ-साथ ग्रेड की फसलों को भी नुकसान
खेतों में धान की फसल लगभग पक चुकी है और कटाई का समय है। किसान इस समय फसल के पूरी तरह सूखने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन वह यह नहीं जानते थे कि फसल कटने से पहले ही उन्हें यह मुसीबत झेलनी पड़ेगी। खेतों में अधिकतर जगह फसल बारिश के कारण गिर गई, जिस कारण खेतों में ही पानी से खराब होने का खतरा बना हुआ है और बासमती की फसल की भी ग्रोथ रुक सकती है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। इस कारण फसल में 30 प्रतिशत तक की गिरावट भी आ सकती है। वहीं अगर किसान फसलों को अधिक समय तक बारिश के पानी में नहीं पड़ा रहने दें तो उनकी फसल को अधिक नुकसान नहीं होगा। मौसम विभाग की मानें आने वाले दो दिन तक जिले में भारी बारिश हो सकती है। इस खबर ने किसानों को और भी अधिक परेशान कर दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें