सिविल हॉस्पिटल में सीलन के कारण इमरजेंसी वार्ड की गिरी फॉल सीलिंग
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। यहां सिविल अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के गैलरी में बुधवार मध्यरात्रि तूफान के कारण सीलन आने पर फाल सीलिंग का काफी हिस्सा भरभराकर गिर गया। हालांकि उस दौरान भीड़ न होने की वजह से किसी को चोट नहीं आई। वहीं अधिकारी तूफान में एसी बंद होना हादसे का कारण बता रहे हैं। हालांकि नई बिल्डिंग की फॉल सीलिंग गिरने पर राजनीतिक दलों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
बता दें कि तूफान के कारण एसी बंद होने और खिड़कियां व गेट खुलने पर हवा का प्रेशर आने पर इमरजेंसी वार्ड की फॉल सीलिंग में सीलन आ गई। इस कारण गैलरी में फॉल सीलिंग जगह-जगह से उखड़कर गिरने लगी। यही नहीं वार्ड के अंदर दरवाजे के शीशे के कांच भी टूट गए। वार्ड के साथ लगी सीढ़ियों की स्टील की रेलिंग भी उखड़कर गिर गई। इसके बाद मरीजों व स्टाफ में हड़कंप मच गया। लोग इधर-उधर भागने लगे, लेकिन कुछ ही देर में तूफान शांत होने पर राहत की सांस ली। सूचना पाकर अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुबह पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन डीडी कंबोज, एसडीओ व जेई के अलावा एसएमओ सतीश कुमार ने मौके का निरीक्षण किया।
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कोट्स
इमरजेंसी वार्ड की गैलरी में फॉल सीलिंग की घटना हुई है। लेकिन, घबराने की बात नहीं है। कोई हताहत नहीं है। तूफान में मल्टीपल गेट खुलने से सीलन आ गई होगी। इस कारण फाल सीलिंग गिरी है।
-सतीश कुमार, एसएमओ, सिविल अस्पताल, अंबाला कैंट।
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रात में तूफान आने पर एसी बंद हो गया और खिड़कियां व गेट खुलने पर हवा का प्रेशर अचानक अंदर आ गया। इस कारण नमी आने पर टाइलों पर सीलन आ गई और इमरजेंसी वार्ड की गैलरी की फॉल सीलिंग गिर गई।
-डीडी कंबोज, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी विभाग।
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इनसेट
सुचारु बिल्डिंग न दे सकने वाले क्या देंगे सुचारु सुविधाएं : निर्मल सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। मात्र 15 मिनट की बारिश में अंबाला कैंट के नए नवेले नागरिक अस्पताल की पोल खुलती नजर आ रही है। ऐसा कहना है पूर्व मंत्री एवं हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष निर्मल सिंह का। उन्होंने कहा कि अंबाला में बना सिविल अस्पताल खुले तौर पर भ्रष्टाचार का जीता जगता सुबूत बन चुका है। प्रदेश में सिर्फ अपने विधानसभा क्षेत्र में बनवाए गए सिविल हॉस्पिटल पर जनता की मेहनत की कमाई लुटाई जा चुकी है। इसके बावजूद जनता स्वास्थ्य मंत्रालय की लापरवाही के चलते इसका लाभ पूरी तरह नहीं उठा पा रही। समय-समय पर इस हॉस्पिटल से जुड़ी अनियमितताएं सामने आती रही हैं। देर रात हुई मात्र 15 मिनट की बारिश के दौरान इमरजेंसी वार्ड में हुए हादसे और उसके बाद घटे घटनाक्रम को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय एवं मंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे नजर आते हैं।