बराड़ा में विकास कार्यों के लिए खोदकर छोड़ दी गईं सड़कें और गलियां
अमर उजाला ब्यूरो
बराड़ा। यदि कोई इमरजेंसी आ जाए तो कैसे जाएंगे, क्या करेंगे, क्योंकि चारों ओर से तो सड़कें व गलियां उखड़ी पड़ी हैं। यह सवाल इस समय बराड़ावासियों की जुबान पर है क्योंकि बराड़ा में इस समय सीवरेज डालने का काम किया जा रहा है, जिसकी न कोई योजना है और न ही कोई तरीका। बराड़ा में चारों ओर की सड़क व कॉलोनियों की गलियां विभाग द्वारा उखाड़ी हुई हैं। हालात यह हैं कि बारिश के बाद तो बाजारों से आवाजाही लगभग बंद हो जाती हैं, क्योंकि पैदल चलना तो दूर की बात, वाहन चलाना भी मुश्किल है।
यह हैं हालात
कस्बे में पानी निकासी के लिए पहले लोगों की सुविधा के लिए करोड़ों की लागत से नाला बनवाया, जो सही नहीं बना। इसका लेवल तक नहीं किया गया। हालांकि इससे पहले पंचायत की ओर से नाला बनाया था, जिसे तोड़ कर दूसरा नाला बनाया गया था। वह भी अब कंडम हो चुका है। बराड़ा में थोड़ी सी बरसात हो जाने पर पानी निकासी बाधित हो जाती है। इस समस्या को देखते हुए मुलाना विधायक संतोष चौहान सारवान ने मुद्दा विधानसभा में उठाया और कस्बे में सीवरेज के लिए करोड़ों रुपये की ग्रांट आई लेकिन लोगों का आरोप है कि भ्रष्ट अधिकारियों ने इतनी घटिया स्तर की सामग्री लगा दी कि यह टूटता जा रहा है। सीमेंट की मात्रा तो न के बराबर है। इस पर नगर पालिका चेयरमैन रमा खेतरपाल और उसके सभी पार्षदों ने सवालिया निशान लगाते हुए जेई अमन कुमार को कहा कि जहां पर भी सीवेरज व्यवस्था का काम चल रहा है उसे पूरा करके ही आगे की जगह पर निर्माण कार्य शुरू करें।
इन क्षेत्रों में है बुरा हाल
गुरुदेव मोहल्ला, शिव कॉलोनी, हरगोबिंदपुरा कॉलोनी, रेलवे रोड, बराड़ा गांव, सरकारी स्कूल, थाना बराड़ा वाली गली, मुख्य मार्केट व राजोली मार्ग सहित सड़कों को उखाड़ तो दिया लेकिन बनाया नहीं गया। इस कारण हादसे हो रहे हैं। बराड़ा में नगरपालिका चेयरपर्सन, जनस्वास्थ्य विभाग सहित प्रशासन ने हाथ खड़े कर एक-दूसरे के सिर काम सही न होने का ठीकरा फोड़ दिया है।
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई को भेजा नोटिस
नगर पालिका चेयरमैन रमा खेतरपाल की अध्यक्षता में एक बैठक में प्रस्ताव पास कर जेई अमन जनस्वास्थ्य विभाग को नोटिस दिया कि शहर के हालात खराब हैं। जगह-जगह से सड़क पाइप डालने के लिए तोड़ दिए हैं। ऐसे में आवागमन बंद हो रहा है। साथ ही घटिया स्तर की सामग्री लगाई जा रही है इसे बंद किया जाए। इसमें सभी पार्षदों ने एक मत होकर प्रस्ताव पास किया जिसमें विभाग को एक नोटिस दिया गया, जिसमें काम बंद करने को कहा गया।
हो चुकी मजदूर की मौत
रेलवे लाइन के पास सड़क बनाते वक्त गड्ढे में पाइप लाइन जोड़ते वक्त मिट्टी का तोंदा गिर कर दब जाने से एक की मौत हो गई थी। इन्हीं गड्ढों में गिर जाने से एक व्यक्ति की टांग टूट गई थी। यही नहीं कई अन्य व्यक्ति चोटिल हो चुके हैं।
यह कहते हैं लोग
स्थानीय निवासियों में रामपाल, रमन, सुनील, सीमा, रेखा व राजकुमार ने बताया कि कस्बे में जगह-जगह सीवरेज की लिए गड्ढे खोद दिए गए हैं। थोड़ी-सी बरसात हो जाने पर रास्ते बंद हो जाते हैं। यदि ऐसे में कोई इमरजेंसी आ जाए तो क्या करेंगे, कहां जाएंगे। सड़क पर मिट्टी ही मिट्टी हो जाने से वाहन चालक भी आवागमन नहीं कर सकते, पैदल चलना तो दूर की बात। बरसात हो जाने पर स्कूली बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। कस्बा की हरगोबिंदपुरा कॉलोनी में आंगनबाड़ी केंद्र, मनरेगा भवन, धर्मशाला मंदिर, राजकीय स्कूल नहीं जाया जा सकता। लोगों ने बताया कि इस गली में कई कई फीट पानी खड़ा हो जाता है।
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देखिए काम सुचारु चल रहा है, जहां पर निर्माण कार्य चल रहा है वहां पर लिखा है विकास कार्य चल रहा है। लोगों को भी देख कर चलना चाहिए। रही निर्माण सामग्री की बता तो यह गुणवत्ता वाली है। इसमें कोई समझौता नहीं किया गया है।
- अमनदीप, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।
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घटिया सामग्री का मामला मेरे संज्ञान में आते ही मैंने एजेंसी से जांच करवाई है। रही बात बराड़ावासियों की परेशानी की तो पहले जहां तक काम हो चुका है वहां तक रास्ता ठीक किया जाएगा। इसके बाद आगे का काम शुरू होगा ताकि किसी को परेशानी न हो।
- संतोष सारवान, मुलाना, विधायक।