नेशनल हाईवे की रोड बर्म पर बना दी पार्किंग
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
नेशनल हाइवे पर कैंट एसडीएम आफिस के पास प्रशासन के दोहरे मापदंड देखने को मिले। एसडीएम ऑफिस परिसर के बाहर नेशनल हाइवे की रोड बर्म को पार्किंग बना दिया गया है। यहां पर बाकायदा बैरिकेट्स कर रोड पर कब्जा किया गया है, साथ ही पार्किंग का कांट्रेक्ट अलॉट करके मोटी कमाई भी की जा रही है। अब सवाल यह उठता है कि इसी रोड पर एसडीएम ऑफिस से कुछ दूरी पर ही रोड बर्म से कब्जा दलबल के साथ हटवाया गया था। मगर, अब एसडीएम आफिस के सामने नियम एवं कायदे हवा हो गए हैं। पार्किंग का कांट्रेक्ट लोगों में चर्चा का विषय बना है।
ज्ञात रहे कि रोड बर्म नेशनल हाईवे अथॉरिटी की परिधि में आती है जिसपर कब्जा करके पार्किंग अलॉट बना दिया गया है। रोड के ठीक साथ ठेकेदार द्वारा लोहे के बैरिकेट्स तक लगा दिए गए हैं। नेशनल हाइवे जगाधरी रोड पर वाहन चालक से यदि हल्की सी भी चूक होती है तो इनसे टक्कर हो सकती है जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
स्मॉग से वैसे ही सुबह, शाम वाहन चलाना मुश्किल है। मगर यहां पर रोड सेफ्टी को दरकिनार करते हुए रोड बर्म पर ही पार्किंग अलॉट बनाकर कमाई का जरिया बना लिया गया है। साफ है कि पार्किंग अलॉट गलत स्थान पर बनाया गया है और रोड सेफ्टी से जुड़ी संस्थाएं व अन्य लोग भी इसे सुरक्षा को लेकर खतरा बता रहे हैं।
गलत तरीके से बनाई पार्किंग
रोड सेफ्टी संगठन के पूर्व कन्वीनर एवं पूर्व पार्षद सुरेश त्रेहन ने कहा कि रोड किनारे पार्किंग एरिया नहीं बन सकता। यदि किसी कार्यालय या अन्य संस्थान ने ऐसी कोई पार्किंग के लिए जगह बनाई है तो वह वाहन चालकों के लिए खतरा बन सकती है। आगे धुंध का मौसम रहेगा और रोड बर्म या रोड किनारों पर पार्किंग अलॉट में खड़े वाहनों से रोड पर चलते वाहन चालक हल्की सी चूक होने पर भिड़ सकते हैं। यह रोड सेफ्टी नियमों के खिलाफ है।
ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर करेंगे मुआयना
सीएम रोड सेफ्टी एसोसिएट रश्ति बजाज ने कहा कि आईआरसी की गाइडलाइन के मुताबिक नेशनल हाईवे के किनारों पर पार्किंग होनी चाहिए। मौके को चेक करना पड़ेगा कि पार्किंग अलॉट नियमों के अनुरूप बना है या नहीं। रोड बर्म पर वैसे किसी प्रकार की पार्किंग नहीं हो सकती। नेशनल हाइवे किनारों पर यदि प्रशासन की अपनी जमीन है तो आईआरसी नियमों के तहत पार्किंग अलॉट बनाना होगा। मौके को ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर चेक किया जाएगा जिसके बाद कुछ कहा जा सकता है।
अफसर कुर्सी पर नहीं पब्लिक परेशान
पार्किंग अलॉट में कार खड़ी करने वाले कैंट निवासी अमित ने बताया कि वह सुबह एसडीएम कार्यालय परिसर गए थे, लेकिन अंदर अधिकारी नहीं मिले। उनकी पर्ची पार्किंग कांट्रेक्टर ने काट दी। दोपहर बाद फिर आए तो दोबारा उनकी पर्ची काट दी गई। अब अधिकारी यदि सीट पर नहीं है तो क्या बार-बार यहां आने वाले लोगों को पार्किंग फीस देनी पड़ेगी। इसका जिम्मेवार कौन है।
यह बोले पूर्व पार्षद
पूर्व पार्षद हीरालाल यादव ने कहा कि प्रशासन दोहरे मापदंड अपनाते हुए तानाशाह पूर्ण रवैया अपना रहा है। एक तरफ नेशनल हाईवे पर छुट्टी के दिन प्रशासन ने दुकान को तोड़ा था उसी रोड बर्म पर अब पार्किंग का कॉन्ट्रेक्ट अलॉट कर दिया है। यह प्रशासन की पूरी दादागिरी है। नियम-कायदों की प्रशासन स्वयं परवाह नहीं कर रहा है और जनता को पाठ पढ़ा रहा है।
कार्यालय परिसर के बाहर खड़े होने वाले वाहन चोरी हो रहे थे जिस वजह से अब पार्किंग का कॉन्ट्रेक्ट अलॉट किया गया है। रेडक्रॉस के माध्यम से कॉन्ट्रेक्ट दिया गया है। लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है।
-सुभाष सिहाग, एसडीएम, अंबाला कैंट।