अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुड) एक दशक बाद भी कैंट में विकसित किए गए हुड 34 सेक्टर को आबाद नहीं कर सका है। प्लाट धारक हुड में मकान खड़े करना चाहते हैं, लेकिन यहां अभी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। आलम यह है कि सबसे विकसित कालोनियों में माने जाने वाले हुड सेक्टर की सड़कें जर्जर है जबकि झाड़ियों से माहौल असुरक्षित बना है। प्लाटधारक परेशान है, मामले की शिकायत हुड अधिकारियों से की गई है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
हुड द्वारा वर्ष 2005 में खाली प्लॉट्स का आवंटन किया गया था। जीटी रोड के साथ स्थित सेक्टर 34 में सैकड़ों लोगों ने यहां प्लाट्स लिए थे। मगर आज 12 साल बाद भी यह कॉलोनी आबाद नहीं हो पाई है। आलम यह है कि ज्यादा प्लाट्स आगे से आगे बिक रहे हैं और ज्यादातर प्लाट धारकों को हुड्डा के नियमों की सटीक जानकारी नहीं है। हुड्डा प्राधिकरण हर वर्ष प्लाट धारकों पर नॉन-कंस्ट्रक्शन पेनेल्टी लगा रहा है जिसकी राशि आगामी वर्षों से दोगुनी होती जाएगी। आज भी प्लाट धारकों के नाम हजारों रुपये की पेनाल्टी खड़ी है जिसका उन्हें पता नहीं है।
सेक्टर में असुरक्षा का माहौल
जीटी रोड के ठीक साथ स्थित हुड सेक्टर में इस समय असुरक्षा का माहौल है। यहां पर सड़कों किनारे व प्लॉटों में झाड़ियां है जबकि सड़कों की हालत भी जर्जर है। इतना ही नहीं रात्रि के समय व्यापक स्तर पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां असुरक्षा का माहौल है। यही वजह है कि ज्यादातर प्लाट धारक अभी यहां पर आकर बसने से कतरा रहे हैं। उनका मानना है कि यदि हुड प्रशासन मूलभूत सुविधाओं में सुधार करे तो सेक्टर आबाद होगा, नहीं तो यहां बदहाली पूर्व की ही तरह रहेगी।
पार्क से लेकर शापिंग सेंटर तक
बता दें कि हुड के सेक्टर 34 मैप में पार्क से लेकर शापिंग सेंटर, स्कूल व अन्य गतिविधियों के लिए जगह का प्रावधान है। यहां पर केवल पार्क अभी विकसित किया गया है, मगर पर्याप्त लाइट्स नहीं होने से रात के समय यह असुरक्षित स्थान बन जाता है। इसके अलावा अभी तक यहां न तो शापिंग सेंटर बना न ही किसी स्कूल ने यहां रुचि दिखाई। यहां पर पांच सौ से ज्यादा प्लाट है और 90 प्रतिशत तक प्लाट खाली पड़े हैं।
अब एसोसिएशन करेगी प्रयास
सेक्टर जल्द से जल्द विकसित हो इसको लेकर अब हुड सेक्टर 34 वेलफेयर एसोसिएशन का गठन किया गया है। एसोसिएशन अब हुड प्रशासन से मिलकर यहां सुविधाओं में इजाफा करने का प्रयास करेगी ताकि कैंट के एक छोर में बदहाल पड़े सेक्टर को फिर से आबाद किया जा सके। इस कार्य के लिए एसोसिएशन का भी गठन किया गया जिसमें प्रो. सुशील कंसल को प्रधान, एडवोकेट अनुज मित्तल को सचिव एवं कोषाध्यक्ष, विवेक गुप्ता को उप-प्रधान व मनिंदर सोढ़ी को संयुक्त सचिव मनोनित किया गया। इसके अतिरिक्त प्रेम सागर जैन, संजीव वोहरा, जसवंत जैन, ब्रिज गुप्ता, राज कुमार चड्ढा और सुरिंदर गोयल को एसोसिएशन का कार्यकारी सदस्य मनोनित किया गया है।
कोट्स
- हुड प्रशासन से संपर्क कर यहां सुविधाएं बढ़ाने की मांग रखी जाएगी। यहां पर लोग बसना चाहते हैं मगर कुछ दिक्कतें है जिस वजह से सेक्टर अब तक आबाद नहीं हो सका है, इन्हीं दिक्कतों को दूर करने का प्रयास अब एसोसिएशन स्तर पर किया जाएगा।
प्रो. सुशील कंसल, अध्यक्ष, सेक्टर 34 वेलफेयर एसोसिएशन।
- सेक्टर में कुछ तकनीकी दिक्कतों को दुरुस्त करने के लिए एक्सईएन को निर्देश दिए गए हैं ताकि यहां पर लोग बस सके। यदि प्लाट में झाड़ियां है तो इसे हटवाना हुड का कार्य नहीं है, यह कार्य प्लाटधारकों को स्वयं करना होगा।
सत्येंद्र सिवाच, एसडीएम एवं प्रशासक हुड, अंबाला।