अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। को-ऑपरेटिव सोसायटी की मैनेजिंग कमेटी (पैक्स) के चुनावों को लेकर कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक सभी तैयारी में जुटे हैं। यह चुनाव सोसायटी व किसानों के हित को लेकर करवाया जाता है, ताकि किसानों को ऋण देने वाली को-ऑपरेटिव सोसायटियों में किसानों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न झेलनी पड़े।
चुनाव में 10 पदों के लिए 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके बाद जीते प्रत्याशी चुनाव या सहमति से प्रधान नियुक्त करेंगे। इस बार चुनाव में छह महिला प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र भरे। जिनमें तीन जरनल, दो एससी व एक बीसी कैटागिरी की हैं। इनमें प्रत्येक सोसायटी में करीब 4 से 9 गांव आते हैं। पैक्स चुनाव पांच साल के बाद करवाए जाते हैं। प्रत्येक पैैक्स के अलग-अलग तारीख को चुनाव करवाए जाएंगे। आनंदपुर जलबेड़ा पैक्स के चुनाव दो फरवरी को होंगे। इनमें वोटर सुबह 8 से शाम 4 बजे तक उम्मीदवार को वोट डालेंगे। उसी दिन शाम सात बजे तक उम्मीदवारों की जीत-हार का फैसला हो जाएगा।
20 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 2252 वोटरों के हाथ में होगा। इस चुनाव में खास बात यह रहेगी कि सोसायटी से डिफॉल्टर घोषित किया हुआ वोटर वोट नहीं डाल सकेगा। जलबेड़ा को-ऑपरेटिव सोसायटी के अन्तर्गत आठ गांव आते हैं जिनमें भानोखेड़ी, बहबलपुर, धुरकड़ा, धुराला, जलबेड़ा, मोटा-माजरा, मोखा माजरा व रूवालों शामिल हैं।
प्रत्याशियों का दावा, किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे
चुनाव मैदान में उतरे 20 प्रत्याशियों का दावा है कि वह चुनाव जीतने के बाद सोसायटी से संबंधित किसानों की हर समस्या को प्रमुखता से उठाएंगे। मैनेजिंग कमेटी के सदस्य आपसी सहमति से रेजुलेशन डालकर किसानों के सभी मुद्दों का समाधान करवाएंगे। किसानों में मुख्य मांग यूरिया खाद की होती है, जिसके लिए वह हरसंभव प्रयास कर समय से पहले ही अपने पैक्स के लिए रैक लगवाएंगे। इसके अलावा ऋण की लिमिट को बढ़वाने के लिए पैक्स के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर इस समस्या का समाधान भी करवाएंगे।
किस गांव से कितने पुरुष व कितनी महिलाएं बनीं उम्मीदवार
जलबेड़ा पैक्स में आने वाले उक्त आठ गावों मेें से मोटा-माजरा, मोखा-माजरा व रूवालों ऐसे गांव हैं जहां से कोई भी उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए मैदान में नहीं उतरा।
गांव कुल सदस्य पुरुष महिला
1 जलबेड़ा 6 4 2
2 भानोखेड़ी 6 4 2
3 धुरकड़ा 6 4 2
4 धुराला 1 - -
5 बहबलपुर 1 - -
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पैक्स चुनावों को लेकर विभाग की ओर से तैयारी पूरी है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस फोर्स को भी तैनात किया जाएगा।
-अनु, सहायक रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग, अंबाला
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पांच साल बाद हर नए सदस्य चुने जाते हैं, जो किसानों की समस्याओं का निपटान करवाने में मददगार सिद्ध होते हैं।
-बलविंद्र सिंह, प्रबधक जलबेड़ा पैक्स