अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
हुडा ग्राउंड में गत दिनों अपोलो सर्कस में जबरन कार्य करते हुए मुक्त करवाई गई नाबालिग युवतियों के मामले में शुक्रवार को अंबाला पुलिस ने पंचकूला जाकर लड़कियों के परिवार के सदस्यों के सामने दोबारा बयान दर्ज किए।
बताते हैं कि सभी लड़कियों ने फिर से पुलिस को वहीं बयान दर्ज करवाए जो उन्होंने विभागीय अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान दर्ज करवाए थे। लड़कियों द्वारा दिए गए बयानों के बाद अपोलो सर्कस मालिक को राहत मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। वीरवार को असम से आए आठ लड़कियों के माता-पिता ने आकर बाल कल्याण समिति के सदस्यों समक्ष शपथपत्र देकर दावा किया था कि लड़कियों की उम्र 18 साल से ज्यादा है और उनके साथ लगातार बातचीत होती है। वह किसी दबाव में काम नहीं कर रही। मगर वहीं बाल कल्याण समिति व पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया कि जेजे एक्ट में दर्ज किए गए मुकदमे के बाद शपथपत्र के आधार पर लड़कियों की उम्र का आंकलन नहीं किया जा सकता। लड़कियों का ओसिफिकेशन टेस्ट करवाया जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को अंबाला पुलिस बाल कल्याण समिति के सदस्य गुरदेव सिंह की मौजूदगी में पंचकूला गई और वहां पर जाकर एक बार फिर लड़कियों के बयान दर्ज किए गए। परिवार की मौजूदगी में बयान लिए गए। लड़कियों ने पुलिस के सामने ंफिर दोहराया कि उनसे जबरन काम लिया जा रहा था और उन्हें मेहनतनामा भी कुछ नहीं दिया जा रहा था। इसके साथ ही लड़कियों ने और भी कई आरोपों को दोहराया। अंबाला पुलिस ने लड़कियों की उम्र का पता लगाने के लिए पंचकूला सीएमओ के सामने ओसिफिकेशन टेस्ट किए जाने का आग्रह किया, जिसके बाद पंचकूला के सीएमओ ने इस मामले में 3 जुलाई को टेस्ट करने की बात कहीं। रिपोर्ट आने के बाद तय हो पाएगा कि जेजे एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी या फिर इस मामले में लेबर एक्ट को भी शामिल किया जाएगा। फिलहाल लड़कियों द्वारा दिए गए बयानों के बाद सर्कस मालिक की परेशानियां बढ़ गई हैं।