अंबाला सिटी। बकाया संपत्ति कर जमा न करवाने पर नगर निगम ने संपत्ति को सील करने की तैयारी शुरू कर दी है। निगम की ओर से ऐसी संपत्ति को चिन्हित किया जा रहा है, जिन लोगों ने निगम का लंबे समय से संपत्ति कर जमा नहीं करवाया। यही नहीं जुलाई में 10 प्रतिशत की छूट देने के बाद भी निगम में ऐसे संपत्तिधारकों ने कर जमा नहीं करवाया। अब निगम नोटिस देने के बाद ऐसे संपत्तिधारकों की संपत्ति को सील करेगा। इन संपत्ति में रिहायशी, वाणिज्यिक, इंडस्ट्री, बैंक, सरकारी विभाग और निजी संपत्ति शामिल है।
सबसे ज्यादा जुलाई में एकत्रित हुआ कर
बीते अप्रैल माह में नगर निगम में 47 लाख 63 हजार 463 रुपये, मई में 56 लाख 99 हजार 168 रुपये, जून माह में 70 लाख 8 हजार 601 रुपये और जुलाई में 4 करोड़ 35 लाख 87 हजार 438 रुपये का संपत्ति कर निगम ने एकत्रित किया। निगम की ओर से बकाया संपत्ति कर जमा करवाने पर 10 प्रतिशत की छूट 31 जुलाई तक दी गई थी। अब यह छूट खत्म हो गई है। निगम ने अब संपत्ति का डाटा बनाना शुरू कर दिया है।
लोगों व निगम के लिए यह भी दिक्कत
निगम की ओर से पहले किए गए सर्वे में कई गलतियां की गई है। कई लोग ऐसे भी निगम में पहुंचते हैं, जिनकी संपत्ति कर आईडी दो से तीन संपत्ति से जुड़ी होती है। इस वजह से उनका संपत्ति कर भी हजारों की जगह लाखों में पहुंच जाता है। जब निगम कर्मचारी संपत्ति को सील करने के लिए जाते हैं तो वहां जाकर आईडी चेक पर हकीकत पता चलती है। यही समस्या लोगों के सामने भी बनी हुई है, लोगों को अपनी आईडी से दूसरे लोगों की आईडी का टैक्स हटवाने के लिए भी चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यह आईडी आसानी से ठीक भी नहीं होती। निगम ने संपत्ति आईडी को सत्यापित करने के लिए कार्य शुरू किया था, लेकिन वह भी धीमा चल रहा है। अभी तक 35 हजार आईडी ही सत्यापित हो पाई हैं।
31 जुलाई तक 10 प्रतिशत की छूट के साथ बकाया संपत्ति कर भर सकते थे, अब बकाया संपत्तिकर धारकों की सूची तैयार की जा रही है। नोटिस देने के बाद उनकी संपत्ति को सील किया जाएगा।
- बलवीर सिंह, प्रभारी, संपत्ति कर शाखा, नगर निगम।