अंबाला। अटल कैंसर केयर सेंटर में 29 वर्षीय महिला हरजीत कौर की रसौली (फाइब्रॉइड्स) का ऑपरेशन हुआ। महिला की बच्चेदानी में पांच माह के बच्चे जितनी रसौली होने के कारण यह जटिल था।
कैंसर एवं महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मीनाक्षी राणा ने बताया कि ऑपरेशन के बाद निकली 10 रसौली में से सबसे बड़ी रसौली 13 बाई 13 सेंटीमीटर की थी। इस बीच महिला का काफी खून बह जाने के कारण खून भी चढ़ाया गया था। यह सर्जरी पूरी तरह से निशुल्क की गई, जिससे मरीज और उसके परिवार को भारी आर्थिक राहत मिली है। डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि ठरवा गांव निवासी हरजीत कौर एक सप्ताह पहले उनकी ओपीडी में आई थी। पेट में दर्द, भारीपन और मासिक धर्म संबंधी समस्याएं हो रही थी। ओपीडी में आने के बाद अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांच की गई। रिपोर्ट में आया कि महिला के बच्चेदानी में काफी रसौली है। अमूमन इतनी रसौली होने पर बच्चेदानी को निकाल दिया जाता है। महिला के पास पहले कोई भी बच्चा न होने के कारण एक-एक कर सभी 10 रसौली निकाली गई ताकि महिला मां बन सके। निजी अस्पताल में इसी ऑपरेशन के लिए डेढ़ लाख का खर्च आता है।