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Ambala News: 10 बड़े काम हुए पर अवैध काॅलोनी का मुद्दा लटका, कांग्रेस ने मांगा श्वेतपत्र

Tue, 13 Jan 2026 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
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शहर नगर निगम कार्यालय।
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अंबाला सिटी। शहर की सरकार का कार्यकाल मंगलवार को पूरा होगा। इस कार्यकाल के पांच वर्ष की अपेक्षा मेयर के उपचुनाव के बाद हुए कार्यों को लेकर शहर में ज्यादा चर्चा रही। खास तौर पर शहर में हुए और होने वाले कार्यों को लेकर सियासी माहौल भी गर्माया। भाजपा मेयर ने अपने ही पार्टी नेताओं को घेरा तो कांग्रेस के पार्षदों ने भी शहर के विकास कार्यों के न होने और हाउस की बैठक नहीं होने पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
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दूसरी तरफ मेयर शैलजा संदीप सचदेवा के इस 10 महीने के छोटे कार्यकाल में कई विकास कार्यों को गति मिली तो कई कार्यों में रुकावट होने से शहरवासियों का फायदा नहीं हो पाया। इसमें अवैध कॉलोनियों को वैध करने का मुद्दा सबसे बड़ा रहा।

10 माह में मेयर के कार्यकाल में हुए 10 मुख्य कार्य-
- स्वामित्व योजना के तहत 23 हजार 800 परिवारों को लाल डोरा के तहत प्रमाणपत्र मिलेगा।

- मेयर की ओर से 600 सफाई कर्मचारियों की मांग सरकार को भेजी गई, सरकार की अनुमति मिलते ही कर्मचारी आएंगे।

- लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए शेल्टर बनाने के लिए टेंडर लगाया गया।

- डंगडेहरी गांव में गोशाला के निर्माण के लिए 4.50 करोड़ रुपये जारी हुए, हालांकि यह मामला हाइकोर्ट में है।

- शहर से बरसाती पानी निकासी के लिए टीपीएस व नालों का निर्माण करवाया गया।

- शहर के नालों की सफाई करवाई गई। बीते वर्ष में सफाई कार्य जोरों पर हुआ।

- तीन वर्ष से कमरे में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट से शहर चमका।

- शहर की सड़कों के 300 से ज्यादा टेंडर लगवाए।
10 महीने में यह आईं बड़ी अड़चनें
- मेयर बनते ही कार्यालय के लिए संघर्ष करना पड़ा, पार्क में कई दिनों तक कामकाज किया।
- विकास कार्य कराने को बैठक कराने के लिए अधिकारियों से आमने-सामने आए।
- अधिकारियों से कार्यों की सूचना लेने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
- विकास कार्य हुए तो अफसरशाही द्वारा उनके उद्घाटन तक को लेकर अड़चन डाली गई।
- लोगों के काम नहीं हुए तो सरकार को नगर निगम को भंग करने तक की सिफारिश करनी पड़ी।

मेयर श्वेत पत्र जारी करें कितने पार्षदों के काम करवाए : मेघा

मेयर शैलजा संदीप सचदेवा ने उप चुनाव में वायदा किया था कि वह शहर में रुके हुए विकास कार्यों को करवाएंगी। यह कार्य रोके किसने हैं, यह देखने वाली बात है। मेयर खुद कह रही हैं कि हारे हुए प्रत्याशी से शिलान्यास करवाए जा रहे हैं। मेयर को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए कि कितने पार्षदों के कार्य करवाए गए और बीते 10 माह में हाउस की कितनी बैठक ली गई, जबकि सदन में भाजपा के ही पार्षद थे। इसके बावजूद हाउस की बैठक नहीं हो पाई
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- मेघा इशू गोयल, कांग्रेस पार्षद

मेयर काम करवाना चाहती थीं, दूसरी टीम ने डाली रुकावट : मिथुन

भाजपा से मेयर सैलजा संदीप सचदेवा 10 महीने के अपने कार्यकाल में कार्य करवाना चाहती थीं, लेकिन इन्हीं की दूसरी टीम ने उन विकास कार्यों में रुकावट डाली। अभी शिलान्यास पट्ट पर नाम लिखने का मामला जग जाहिर है। इन परिस्थितियों में कैसे विकास कार्य हो सकते हैं। शहर में नालों में बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पा रही। निगम के कई प्रोजेक्ट लटके पड़े हैं। इन प्रोजेक्ट में महावीर पार्क, बाल भवन, भगवान वामन द्वार, नौरंगराय तालाब सहित कई कार्य रुके पड़े हैं।

मिथुन वर्मा अधिवक्ता, कांग्रेस पार्षद

सभी वार्डों में करवाए विकास कार्य : : मेहता

शहर में विकास कार्यों की झड़ी लगी है। बीते महीनों में 26 हजार नई स्ट्रीट लाइट लगाई गई। शहर की सड़कों की हालत को सुधारने के लिए करोड़ों रुपये के टेंडर लगाए गए और वार्डों में बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया गया। साफ-सफाई कार्य होने से शहर को सुंदर देखने में मदद मिली। वार्डों में विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ी। जिससे शहरवासियों को काफी फायदा हुआ। बीते कई दिनों से नए कार्यों को शुरू करवाने के लिए शिलान्यास भी हुए।
- राजेश मेहता, डिप्टी मेयर, नगर निगम
शहर में बिछाया सड़कों का जाल : मीना
शहर में नगर निगम की ओर से सड़कों का जाल बिछाया गया। जिससे शहर को नई पहचान मिली है। सेक्टरों की सड़कें चमक रही हैं। बरसाती सीजन के बाद सेक्टरों में नई सड़क बनाई गई। इसके अलावा शहर में भी कई नई सड़क बनीं। शहर में लगातार नए विकास कार्यों को शुरू करने के लिए शिलान्यास हो रहे हैं। जिन वार्डों में बरसाती पानी निकासी की समस्या आती थी, वहां एसटीपी लगाए गए। नई स्ट्रीट लाइट लगने से शहर जगमग हुआ है।
- मीना ढींगरा, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम
शहर के विकास के लिए उन्होंने पिछले दस महीने में इतने विकास कार्य करवाए, जितने पिछले दस वर्ष में नहीं करवाए गए थे। निगम अधिकारियों की रुकावट के कारण अवैध कॉलोनियां वैध नहीं हो पाई। यह मुद्दा बीच में ही लटक गया। अंतिम दिन पर भी वह अहम कार्यों को लेकर आयुक्त को पत्र लिखेंगी। हमने कोशिश की कि जनता की समस्याओं को किसी भी तरह से समाधान के स्तर तक ले जाएं।
- सैलजा संदीप सचदेवा, मेयर, नगर निगम

शहर नगर निगम कार्यालय।

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