अंबाला। खालिस्तानी व आतंकी संगठनों द्वारा जान से मारने की धमकी देने के आरोप के मामले में अंबाला 2016 से 2023 तक सुर्खियों में रहा है। यह आरोप अंबाला सिटी के रहने वाले एंटी टेरेटिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने लगाए थे। अंबाला सिटी, सदर व बलदेव नगर थाने में इन मामलों को लेकर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इन मामलों में आरोपी खालिस्तानी व आतंकी संगठनों से जुड़े लोग ही हैं। वर्ष 2016 से 2023 तक इस संबंध में 38 बार थानों में प्राथमिकी भी दर्ज हो चुकी है। इसलिए अंबाला सिटी के बलदेव नगर थाने में हुए इस हमले को खालिस्तानी व अन्य आतंकी संगठनों की साजिश से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
दर्ज हो चुके मामले
- 19 मई 2025 को बलदेव नगर थाने में वीरेश शांडिल्य की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वीरेश शांडिल्य का आरोप था कि किसी भारतीय नंबर से फोन आया था कि भिंडरावाला के खिलाफ बोलने पर ग्रेनेड से उड़ा दिया जाएगा।
- 19 मार्च 2023 को बलदेव नगर थाने में वीरेश शांडिल्य की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। शांडिल्य ने आरोप लगाया था कि जालंधर के व्यक्ति ने अमृतपाल खालसा फोर्स की तस्वीर लगाकर धमकाया था।
मामले में हुई थी पंजाब के युवक की गिरफ्तारी
खालिस्तान के खिलाफ मुहिम चलाने वाले एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य को धमकी देने के आरोपी एक पंजाब निवासी युवक को भी अंबाला सिटी थाना पुलिस ने अप्रैल 2025 में गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। वीरेश शांडिल्य का आरोप था कि 28 मार्च 2025 को खालिस्तानी व जरनैल सिंह भिंडरावाला समर्थक मनजोत सिंह ने धमकी दी थी कि वह खालिस्तान के खिलाफ बोलता है, इसलिए उसे अंबाला शहर आकर मौत के घाट उतारेंगे। धमकी देने वाले ने अपने आप को बठिंडा के तलवंडी साबो का बताया था। वीरेश शांडिल्य 25 साल से पाकिस्तानी आतंकवाद सहित खालिस्तानी व देशद्रोही ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं और बब्बर खालसा जैसे आतंकवादी संगठनों के खिलाफ 2004 व 2010 में पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार बेअंत सिंह की हत्या करने वाले आतंकवादी जगतार सिंह हव्वारा व परमजीत सिंह भ्यौरा के खिलाफ एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट इंडिया की तरफ से जनहित याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने अहम फैसले दिए थे।