मारकंडा नदी में कालाआंब के पास 33900 क्यूसेक पानी रात्रि 8 बजे पहुंचा जोकि मुलाना तक चार से पांच घंटे में मार कर सकता है। मारकंडा नदी का खतरे का निशान 27 हजार क्यूसेक पर है।
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर मैदानी क्षेत्रों में दिखने लगा है। उपमंडल नारायणगढ़ से गुजरने वाली रूण, मारकंडा, लाहा और बेगना नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। नदियों में पानी के तेज बहाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग पूरी तरह सचेत हो गया है।
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बताया जाता है कि मारकंडा नदी खतरे के निशान के आसपास बह रही है। मारकंडा नदी में कालाआंब के पास 33900 क्यूसेक पानी रात्रि 8 बजे पहुंचा जोकि मुलाना तक चार से पांच घंटे में मार कर सकता है। मारकंडा नदी का खतरे का निशान 27 हजार क्यूसेक पर है। वहीं, बेगना नदी में भी 24 हजार क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया गया।
एसडीएम शिवजीत भारती ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग को नदियों के जलस्तर की चौबीस घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नायब तहसीलदार नारायणगढ़ व शहजादपुर और बीडीपीओ नारायणगढ़ व शहजादपुर को अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहने को कहा गया है।