ट्रांसपोर्टर घर बैठा तो होगी कार्रवाई
कृषि मंत्री ने कहा कि हर सीजन में उठान की ही समस्या रहती है। कई ट्रांसपोर्टर टेंडर लेने के बाद घर बैठ जाते हैं, जिससे उठान नहीं होता और जाम लगता है। लेकिन अब यह मनमानी सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उठान के बाद जब अनाज आगे एजेंसी के पास पहुंच जाता है तो उसके 48 घंटे बाद किसान को भुगतान होता है लेकिन ट्रांसपोर्टर व उठान एजेंसी की लापरवाही से यह भुगतान भी समय पर नहीं हो पाता लेकिन इस बार सरकार ऐसी कोताही सहन नहीं करेगी।
सीधी बारिश होने से नहीं होता कभी नुकसान
कृषि मंत्री ने कहा कि सीधे व सामान्य बारिश होने से कभी फसल में नुकसान नहीं होता लेकिन जब तूफान के साथ बारिश और ज्यादा मात्रा में होती है तो ही नुकसान होता है। कृषि मंत्री ने यह भी अगाह किया कि हमारे किसानों द्वारा पैदा किए अनाज को हम बेहतर सरंक्षित नहीं कर पाए तो भविष्य में एक-एक दाने को भी तरसना पड़ सकता है। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी बनती है।