सदर पुलिस ने गांव धरोदी के दो लोगों के बयान पर जाति सूचक गालियां देने और मारपीट करने के आरोप में पांच लोगों को नामजद कर दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
दूसरी और नामजद लोगों ने इस मामले को झूठा करार देते हुए बताया कि उक्त लोग जमीन से कब्जा न छोड़ना पड़े, इसलिए यह सब किया जा रहा है। सदर पुलिस ने गांव धरोदी के गजेसिंह व रणधीर के बयान पर घर में घुसकर महेंद्र, दीपक, विनोद, सत्ता और दिलबाग के खिलाफ जाति सूचक गालियां देने और मारपीट करने के आरोप का मामला दर्ज किया है।
यह वाकया 10 अक्तूबर का है। जांच अधिकारी जयप्रकाश ने बताया कि गजेसिंह और रणधीर गांव की पंचायती जमीन पर कब्जा किए हुए हैं। पंचायत और गांव के लोगों के विरोध करने के बावजूद गजे सिंह और रणधीर ने अवैध कब्जा करके उस जमीन में कमरा बना लिया। इसको लेकर गांव में तनाव हैं। इस मामले को लेकर गांव के गणमान्य लोगों की सदर थाना परिसर में पंचायत भी हुई जिसमें गांव के लोगों ने पुलिस को बताया कि किसी ने उनको कोई गाली नहीं दी। गांव में सभी एकजुट होकर रह रहे हैं। गांव के लोगों का मुंह बंद करने के लिए उन्होंने इन लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के आरोप का मामला दर्ज करा दिया।
गांव के सरपंच महेंद्र पूनिया ने बताया कि गजेसिंह और रणधीर ने 700 वर्ग गज पंचायत पर जमीन पर कब्जा किया हुआ है। उन्होंने बताया कि पंचायत ने कब्जा छुड़वाने के लिए प्रस्ताव पास करके तहसीलदार को दे दिया है अब तहसीलदार ने निशान देही करवाके जमीन को कब्जा मुक्त कराना है।