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गोरखपुर के रामगढ़ताल में अब नहीं होगा जॉर्बिंग बॉल का खेल, विधान परिषद ने किया जवाब तलब

Thu, 20 Feb 2020 01:49 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
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रामगढ़ताल में जॉर्बिंग बॉल चलाते लोग। फाइल - फोटो : अमर उजाला।
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 रामगढ़ताल में अवैध तरीके से संचालित हो रहे जॉर्बिंग बॉल में पिछले सप्ताह एक छात्र की मृत्यु हो जाने के मामले में विधान परिषद ने बुधवार को जीडीए से जवाब तलब किया है। शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार को विधान परिषद में इस मामले को उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस और जीडीए की मिलीभगत से अवैध तरीके से इस खतरनाक खेल का संचालन हो रहा था जिससे एक शिक्षक पुत्र की मृत्यु हो गई।
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यही नहीं पुलिस ने इस मामले में मुकदमा भी नहीं दर्ज किया। प्राधिकरण की तरफ से बुधवार की शाम को ही परिषद को जवाब भेजकर बताया गया कि जॉर्बिंग बॉल का संचालन रोक दिया गया है। अब भविष्य में भी इसे चालू नहीं किया जाएगा। पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया है।

शिक्षक विधायक ने आरोप लगाया कि आजमगढ़ निवासी शिक्षक प्रदीप राय के होनहार पुत्र अमन राय की मौत जीडीए की लापरवाही से हुई है। प्राधिकरण ने जॉर्बिंग बाल संचालकों से अनुबंध भी नहीं किया था। संचालकों ने न तो सुरक्षा मानकों का इंतजाम किया था न  चिकित्सकों की ही व्यवस्था की गई थी।
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छात्र को समय से इलाज मिला होता तो उसकी जान बच सकती थी। शिक्षक विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि झील में जॉर्बिंग बाल का संचालन करने के लिए मोटी रकम वसूली जा रही थी। उन्होंने रामगढ़झील थाने के पुलिस कर्मियों पर इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं करने का भी आरोप लगाया।
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अब जॉर्बिंग बॉल का संचालन ही नहीं करेगा जीडीए

रामगढ़ताल में संचालित हो रहे जॉर्बिंग बॉल में 12 फरवरी को छात्र की मौत के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने अब इस खेल का संचालन ही नहीं करने का निर्णय किया है। इस संबंध में संबंधित संस्था को भी जानकारी दी जा रही है। घटना के बाद जीडीए ने 13 फरवरी को जॉर्बिंग बॉल का संचालन रोकने के साथ ही संबंधित फर्म के मालिक गोविंद गौड़ को नोटिस देकर सप्ताह भर में अनुबंध कराने का निर्देश दिया था।

बुधवार को यह अवधि भी खत्म हो गया। जनवरी 2020 में इस फर्म ने जॉर्बिंग बॉल के लिए सबसे ज्यादा बोली लगाकर एक साल के लिए टेंडर हासिल किया था। फर्म इस गेम के संचालन के लिए जीडीए को 79 हजार रुपये महीने शुल्क दे रही थी मगर उसका अनुबंध नहीं कराया था। अब प्राधिकरण ने इस खेल को पूरी तरह बंद करने का निर्णय किया है।

सचिव जीडीए राम सिंह गौतम ने कहा कि शिक्षक विधायक के मामले में जीडीए से आख्या मांगी गई थी। जवाब दे दिया गया है। जार्बिंग बॉल का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। 
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