गोरखपुर। संत निरंकारी सत्संग के केंद्रीय प्रचारक महात्मा गुरमुख सिंह (प्रो. जीएस पोपली) ने कहा कि माया अंधकार के समान है, जो मनुष्य को भ्रम और लालसाओं में उलझाए रखती है। जब ब्रह्मज्ञान का प्रकाश जीवन में आता है तो अज्ञान स्वतः दूर हो जाता है।
वह रविवार को संत निरंकारी सत्संग भवन, सूर्यकुंड में जोनल स्तरीय अंग्रेजी माध्यम समागम में प्रवचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इंसान स्वार्थ और इच्छाओं के कारण मानसिक अशांति का सामना कर रहा है, जबकि वास्तविक सुख परमात्मा के ज्ञान और सतगुरु की शरण में मिलने वाला ब्रह्मज्ञान प्राप्त करने से ही संभव है। बिना ब्रह्मज्ञान के मानव मुक्ति संभव नहीं है। संत समागम में श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया गया।
समागम में गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर से हजारों श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। डॉ. एमडी मिश्र एवं जोनल इंचार्ज महात्मा कमलेश मणि त्रिपाठी ने आभार व्यक्त किया।