युवक ने बताया कि सिसवा के दो, बृजमनगंज के तीन और निचलौल के दो लोगों के साथ साइकिल लेकर वे घर के लिए रवाना हुए थे। पास में जब तक रुपये थे, तब तक कोई समस्या नहीं हुई, लेकिन रकम समाप्त होने के बाद दूसरों के भरोसे ही रहना पड़ा।
उसने बताया कि रास्ते में सिर्फ कुछ स्थानों पर लोगों ने खाने-पीने के लिए कुछ दे दिया। हैदराबाद से साइकिल से 1ह दिन में अपने गांव शिकारपुर पहुंचा।
वहीं, ग्राम प्रधान शिकारपुर कमलेश श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना मिलते ही युवक के घर पहुंचकर उसकी स्क्रीनिंग कराने के बाद उसे क्वारंटीन सेंटर में रख दिया गया है। वहां बेहतर ढंग से रहने खाने की व्यवस्था की गई है।