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लॉकडाउन में यहां फंसे थे गोरखपुर के हजारों लोग, आज ऐसे पहुंचेंगे अपने घर

Sun, 03 May 2020 03:16 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • मुंबई से 2400 मजदूरों को लेकर आज गोरखपुर पहुंचेंगी दो श्रमिक स्पेशल  
  • प्लेटफार्म नंबर एक पर सभी यात्रियों की होगी स्कैनिंग, बांटी गई जिम्मेदारी
  • स्टेशन से स्वास्थ्य विभाग की टीम बसों से मजदूरों को पहुंचाएगी क्वारंटीन सेंटर
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ट्रेन से आने वाले यात्रियों का थर्मल जांच करने का रिहर्सल करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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लॉकडाउन के बीच मुंबई के भिवंडी और वसई से 2400 मजदूरों को लेकर दो श्रमिक स्पेशल रविवार की देर रात गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगी। प्रत्येक ट्रेन में 1200-1200 श्रमिक हैं। सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक कोच में 52 से 54 श्रमिक बैठाए गए हैं। ट्रेनें शनिवार को रात में तीन घंटे के अंतर से श्रमिकों को लेकर रवाना हुईं।
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचने के बाद सभी श्रमिकों को एक-एक कर कोच से नीचे उतारा जाएगा। सभी की वहीं पर थर्मल स्कैनिंग होगी। इसके लिए सभी कोच के सामने डॉक्टरों की टीम के साथ ही प्रशासन और रेलवे के अफसर-कर्मचारी मौजूद रहेंगे। सभी को सैनिटाइज करने के साथ ही तहसीलवार उनका ग्रुप तैयार किया जाएगा। 

स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग के लोग ग्रुप वार श्रमिकों को संबंधित तहसील के क्वारंटीन सेंटर ले जाएंगे जहां उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा। श्रमिकों को रास्ते में किसी तरह की दिक्कत न हो या फिर कोई बीच में ही न उतरे इसके लिए आरपीएफ स्टॉफ के साथ ही टीटीई भी तैनात किए गए हैं।
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बीच के स्टेशनों पर श्रमिकों के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई है। लॉकडाउन के बीच स्टेशन पर पहली बार आ रही श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को लेकर जिला प्रशासन के साथ ही रेलवे प्रशासन भी मुस्तैद है। रेलवे ने शनिवार की शाम से ही स्टेशन की साफ-सफाई शुरू करा दी। स्टेशन प्रबंधन का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।

कमिश्नर-डीआईजी, डीएम-एसएसपी ने किया निरीक्षण

कमिश्नर जयंत नार्लिकर, डीआईजी राजेश डी मोदक, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर ही रेलवे, स्वास्थ्य, जीआरपी और आरपीएफ आदि विभागों के अफसरों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई।

कमिश्नर ने बताया कि ट्रेन के पहुंचने पर किसका क्या रोल होगा, कैसे लोग जनपद में भेजे जाएंगे। कैसे उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा इसी को लेकर बैठक में जिम्मेदारी बांटी गई है। श्रमिकों की सुविधा का पूरा इंतजाम किया गया है।
सभी का बारी-बारी से स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। संदेह होने पर उस व्यक्ति को तत्काल आइसोलेट कराया जाएगा। बाकी सभी को उनके संबंधित क्षेत्रों में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा।
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आपातकालीन सेवाओं के लिए 80 बसें तैयार

परिवहन निगम के एमडी राजशेखर के निर्देश पर आपातकालीन स्थिति में लोगों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए गोरखपुर डिपो की 80 बसें तैयार कर ली गई हैं। आरएम डीवी सिंह ने बताया कि बसों को सैनिटाइज करा दिया गया है। चालक और परिचालकों को आपातकालीन सेवाओं के लिए तैयार रखा गया है। प्रशासन को जब भी बस की आवश्यकता होगी उन्हें उपलब्ध करा दी जाएंगी।

11 बस से आए 253 प्रवासी मजदूर
उत्तराखंड के विभिन्न जिलों, झांसी और दिल्ली की ओर से आने वाले 253 मजदूर शनिवार को 11 बसों से गोरखपुर की सीमा पर पहुंचे।  इनमें 31 प्रवासी मजदूर गोरखपुर जिले के हैं।
 
सभी की थर्मल स्कैनिंग  करने के बाद सहजनवां चौराहे पर उनकी जानकारी दर्ज की गई। उसके बाद गोरखपुर के मजदूरों को जिले की तहसीलों में क्वारंटीन करने के लिए भेजा गया जबकि  कुशीनगर, बिहार, महराजगंज के मजदूरों की बसों को बाहर ही बाहर फोरलेन से रवाना कर दिया गया।
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