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सर्पदंश से युवक की मौत: भड़के ग्रामीण, डॉक्टरों-स्वास्थ्यकर्मियों को दौड़ाकर पीटा, अस्पताल में की तोड़फोड़

Wed, 06 May 2026 01:23 PM IST
Rohit Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर

सार

आहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के कोटवा गांव निवासी विजेंद्र सिंह के पुत्र नितेश सिंह (20) को मंगलवार सुबह करीब 11:10 बजे सांप ने काट लिया था। परिजन उसे आनन-फानन में सीएचसी देवतहां लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल में उसे तत्काल इलाज देने के बजाय लाइन में खड़ा कर दिया गया और करीब 20 मिनट तक इंतजार कराया गया।
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सर्पदंश के बाद अस्पताल के बाहर रोते-बिलखते मृत युवक के परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सीएचसी देवतहां में मंगलवार को एक युवक की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया, तोड़फोड़ की और डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीट दिया। स्थिति बिगड़ते देख कई स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल छोड़कर भाग निकले।

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सूचना पर पहुंची पुलिस और आक्रोशित लोगों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। लाश कब्जे में लेने का पुलिस ने कई बार प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित भीड़ ने खदेड़ दिया। लोगों का आरोप है कि डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी शराब के नशे में थे, इनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। उग्र भीड़ के रूख को देखते हुए दो सौ से अधिक पुलिसकर्मी मौके पर तैनात है। अभी भी भीड़ अस्पताल गेट के बाहर जमी है।

आहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के कोटवा गांव निवासी विजेंद्र सिंह के पुत्र नितेश सिंह (20) को मंगलवार सुबह करीब 11:10 बजे सांप ने काट लिया था। परिजन उसे आनन-फानन में सीएचसी देवतहां लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल में उसे तत्काल इलाज देने के बजाय लाइन में खड़ा कर दिया गया और करीब 20 मिनट तक इंतजार कराया गया।

स्वास्थ्य केंद्र पर जुटी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिजनों का कहना है कि बाद में मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ ने लापरवाही बरतते हुए उपचार में देरी की। आरोप यह भी है कि गलत तरीके से इंजेक्शन लगाए गए और करीब दो घंटे तक युवक की हालत गंभीर रहने के बावजूद उसे रेफर नहीं किया गया। जब हालत बिगड़ गई, तब उसे गोरखपुर एम्स के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने अस्पताल में घुसकर कुर्सियां, टेबल व अन्य सामान तोड़ डाले। इस दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट भी की गई, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने का प्रयास किया।
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अस्पताल के बाहर जुटी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की झड़प व धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही व नशे में इलाज करने का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने की मांग नाराज लोग कर रहे हैं, अभी भी भीड़ अस्पताल गेट पर शव के साथ जमी हुई है और डॉक्टरों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराने पर आगजनी की धमकी लोग दे रहे हैं।

सीएचसी पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। सीओ कुंदन सिंह ने बताया कि बवाल की सूचना पर पुलिस तत्काल पहुंच गई। आक्रोशित लोगों को अस्पताल से बाहर किया। समझाया जा रहा है। अभी लोग शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं दे रहे हैं। मौके पर पुलिस तैनात है।
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