राजघाट थाना क्षेत्र के मदरसा चौराहे के पास रविवार सुबह खुले नाले में गिरने से 40 वर्षीय युवक की मौत हो गई। उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। युवक के नाले में गिरने की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में दिख रहा है कि सुबह करीब 11 बजे युवक पैदल कहीं से आ रहा है। चौराहे के पास वह रुकता है और किनारे खड़ी एक स्कूटी पकड़कर खड़ा हो जाता है।
इसके कुछ देर बाद उसे चक्कर आता है और वह पास के खुले नाले में गिर जाता है। नाले में गिरने के बाद वहां से कई लोग गुजरते रहे। कुछ देर बाद साइकिल से गुजर रहे एक बच्चे की नजर नाले में गिरे युवक पर पड़ी। इसके बाद आसपास के लोगों ने उसे निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि शव को सदर अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। आसपास के लोगों से पूछताछ के अलावा नजदीक के जिलों में भी फोटो भेजकर मृतक की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है।
24 घंटे के अंदर दूसरी मौत
घंटे के भीतर शहर में खुले नाले में गिरने से मौत की यह दूसरी घटना है। इससे पहले शनिवार सुबह गोरखनाथ क्षेत्र में 18 माह की बच्ची की नाले में गिरने से मौत हो गई थी।
नाले ढके नहीं, हादसे रुके नहीं
शहर में खुले नाले हादसों का सबब बने हुए हैं। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद कई स्थानों पर नालों को ढकने और स्लैब के बीच की गैपिंग भरने का काम नहीं हो सका है। रविवार पूर्वांह्न 11 बजे मदरसा चौराहे के पास खुले नाले में गिरने से करीब 40 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई। नाला काफी गहरा और खुला बताया जा रहा है। इससे एक दिन पहले बरगदवां में डेढ़ साल की बच्ची नाले में गिर गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
लगातार हादसों के बाद नगर आयुक्त अजय जैन ने शहर के सभी खुले नालों को ढकने और स्लैब के बीच की गैपिंग भरने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद रविवार को कई प्रमुख इलाकों में स्थिति में सुधार नहीं दिखा। सिविल लाइंस में कई जगह नाले खुले हैं या स्लैब के बीच काफी दूरी है। आसपास विद्यालय होने के कारण यहां से बच्चों और अभिभावकों की आवाजाही रहती है। ऐसे में खुले नाले हादसे का कारण बन सकते हैं।
कई इलाकों में खुले हैं नाले
चौरहिया गोला स्थित डीएवी डिग्री कॉलेज के पास भी नाला खुला मिला। असुरन रोड, खजांची के पास बाईपास और भरवलिया में भी कई जगह नाले खुले मिले। इन स्थानों पर लोगों की लगातार आवाजाही रहती है। बरगदवां में हादसे के बाद संबंधित नाले को ढक दिया गया है, लेकिन शहर के अन्य हिस्सों में खुले नालों और स्लैब के बीच गैपिंग से खतरा बना हुआ है।
आदेश के बाद भी काम अधूरा : हादसों के बाद नगर आयुक्त ने खुले नालों को तत्काल ढकने और स्लैब के बीच की गैपिंग भरने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कई स्थानों पर रविवार तक काम शुरू नहीं हुआ था। इससे नगर निगम के आदेश के अनुपालन पर सवाल उठ रहे हैं।