गोरखपुर। भाद्रपद अमावस्या के अवसर पर राणी सती दादी सेवा मंडल की ओर से शुक्रवार को एक शाम दादी के नाम भजन संध्या का आयोजन रेती के कालीबाड़ी मंदिर में किया गया। इस दौरान हम सबको तुम्हारा प्यार झुंझुनू खींच लाता है...जैसे भजनों पर दादी भक्त देर रात तक झूमते रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ राणी सती दादी के भव्य श्रृंगार और विधि-विधान से पूजन के साथ हुआ। शैलेश व संजू तुलस्यान ने सपरिवार पूजन कर ज्योत प्रज्ज्वलित की। दादी को सवामणी, छप्पन भोग और महाभोग अर्पित किया गया। इसके बाद भजन ललित सूरी ने जैसे ही दादी के भजनों की शुरुआत की, पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में दादी भक्त भजनों पर झूमते और जयकारे लगाते नजर आए।
भजन संध्या की शुरुआत गणेश, पितर और हनुमान की वंदना से हुई। इसके बाद ललित सूरी ने चौदस की रात जगावा, मावस न धोक लगावा..., जब-जब भी भादव का महीना आता है..., दादी-दादी बोल...हल्की हो या भरी हो, इस बार की भादी मावस पर मां..., इक चुनरी भी हमारी हो..., तेरा ही सहारा है जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। एक के बाद एक भजनों से माहौल ऐसा बना कि श्रद्धालु देर तक दादी की भक्ति में झूमते रहे।
उत्सव में प्रमुख रूप से काली बाड़ी के महंत रविंद्र दास, पवन सिंघानिया, नारायण खेमका, संजय सिंघानिया, शैलेश तुलस्यान, अमित सिंघानिया, नरेंद्र अग्रवाल, आनंद जालान, मनोज गोयल, अतुल जालान, मनीष रूंगटा, संदीप केडिया, अभिषेक गोयल, संदीप कटारूका, सुमन सिंघानिया, संजू तुलस्यान, काजल जालान, मीता अग्रवाल और आकांक्षा केडिया सहित बड़ी संख्या में दादी भक्त मौजूद रहे।