ज्यादातर माता-पिता ही बच्चों को पढ़ा-लिखाकर इस काबिल बनाते हैं कि वे अपने पैरों पर खड़ा हो सकें, लेकिन शहर के नंदानगर निवासी प्रवीण पांडेय की बहनों ने न सिर्फ अपने भाई का ना सिर्फ पालन-पोषण किया, बल्कि उसे पढ़ाकर पुलिसकर्मी भी बनाया।
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शहर के नंदानगर निवासी प्रवीण पांडेय की मां का देहांत, जब वह आठ वर्ष के थे, तभी हो गया था। पिता पुलिस विभाग में शहर से बाहर पोस्ट थे। प्रवीण का पालन-पोषण उनकी दो बहने गोल्डी और स्वाति ने ही किया। इस बीच गोल्डी की शादी हो गई तो वह प्रवीण को भी अपने साथ ही ले गईं और अपने साथ ही रखकर उनकी पढ़ाई पूरी कराई।
इस बीच उनके पिता का निधन कैंसर से हो गया। इसके बाद प्रवीण ने भी पुलिस के नौकरी के लिए प्रयास किया, इसमें उनकी बहनों ने उन्हें पूरा सहयोग दिया। वर्तमान में प्रवीण को यूपी पुलिस में नौकरी मिल गई है और वह श्रावस्ती में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।