गोरखपुर। अक्सर सोशल मीडिया पर रिश्तों में दूरी बढ़ने की बात होती है लेकिन गोरखपुर के युवाओं की कहानी इसका दूसरा पक्ष दिखाती है। जेन जी व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि पारिवारिक रिश्तों को मजबूत बनाने, मानसिक संबल पाने और समाज सेवा के लिए कर रही है। इसमें चचेरे-ममेरे भाई बहन (कजिन्स) के छोटे-छोटे ग्रुपों की अहम भूमिका सामने आ रही है। दूर रहकर भी सोशल मीडिया पर कनेक्ट रहकर उन्होंने परिवार को जोड़े रखने का फैमिली फार्मूला निकाला है। साथ ही वे दूर रहकर भी समाज सेवा कर रहे हैं।कजिन्स डे पर विशेष।
महीने में एक बार मिलकर बांटते हैं खुशियों का खाना
नौसड़ की रहने वाली विनीता वर्मा ने बताया कि हम सब चचेरे भाई -बहन एकल परिवार में पले-बढ़े हैं। पढ़ाई और नौकरी की वजह से हम रोज नहीं मिल पाते। हमने नियम बनाया है कि महीने के आखिरी संडे को मेरे घर पर सब इकट्ठा होंगे। उस दिन हम अपनी जेब खर्च से पैसे मिलाकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए खाना बनाते हैं और खुद जाकर बांटते हैं। यह एक दिन हमें पूरे महीने के अकेलेपन से लड़ने की ताकत देता है।
रोज का मिशन कोई भूखा न सोए
राप्तीनगर की अंकिता मिश्रा का कहना है कि लोग कहते हैं एकल परिवार के बच्चे स्वार्थी होते हैं। हमारे कजिन्स ग्रुप ने ये सोच बदल दी। हम चचेरे-ममेरे भाई-बहन हर रोज शाम को एक जगह मिलते हैं और मिलकर यह तय करते हैं कि इस हफ्ते हमें समाज के लिए क्या खास करना है। इसके बाद हम बेसहारा लोगों की मदद करते हैं। अंकिता ने बताया कि जब साल 2020 में शहर में कोविड का पहला मामला मिला तबसे हम यह काम कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य समाज को एक अच्छा संदेश देना है।
इंस्टाग्राम लाइव से कर रहें सेवा
तारामंडल के मोहित सिंह ने बताया कि हम चार कजिन्स अलग-अलग शहर में रहते हैं। हम काम की वजह से साल में एक से दो बार ही मिल पाते हैं। सोशल मीडिया ने हमें कभी दूर होने ही नहीं होने दिया है। हम रोज इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहते हैं। हमने एक पेज बनाया है, जिसके जरिए हम हर शाम लाइव आते हैं। तैयारी कर रहे बच्चों के लिए ऑनलाइन कोचिंग और फ्री इंग्लिश स्पीकिंग क्लास चलाते हैं। स्मार्टफोन ने हमारे रिश्ते को समाज सेवा का मजबूत आधार बना दिया है।
व्हाट्सएप ग्रुप बना तनाव मुक्ति केंद्र
बेतियाहाता की पूजा सिंह ने बताया कि अकेलेपन के इस दौर में हमारा कजिन्स व्हाट्सएप ग्रुप सबसे बड़ा सहारा है। मेरे चचेरे भाई-बहन अलग-अलग राज्यों में रहते हैं। नौकरी, पढ़ाई के दबाव, तनाव या डिप्रेशन को दूर करने के लिए हम कजिन्स व्हाट्सएप ग्रुप पर बात करते हैं। सभी भाई-बहन अपना काम छोड़कर वीडियो कॉल करते हैं। हम बिना किसी डर के अपनी हर निजी परेशानी यहां शेयर करते हैं क्योंकि हमें पता है कि यहां कोई हमें जज नहीं करेगा। यह ग्रुप हमें अकेलेपन से दूर रखता है।