बिहार के अररिया जिले के रहने वाले युवक की शनिवार को जिला अस्तपाल में मौत हो गई। वह लुधियाना में मजदूरी करता था और 19 अप्रैल को पैदल गोरखपुर आया था। चेकिंग में पकड़े जाने पर पुलिस ने कोरोना की जांच कराई।
रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद युवक को रेलवे स्टेशन रोड के रैन बसेरा में क्वारंटाइन करा दिया था। युवक की मौत की पुलिस ने परिवार को सूचना दी, पर परिवार के लोग और रिश्तेदार शव लेने नहीं आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, अररिया जिले के बसेटी बाजार का रहने वाला जुबरैल लुधियाना में मजदूरी करता था। लॉकडाउन के दौरान वह घर जाने के लिए पैदल निकल गया। 19 अप्रैल की शाम को गोरखपुर पहुंचा।
मोहद्दीपुर में चेकिंग के दौरान मजिस्ट्रेट और पुलिस की टीम ने पकड़ लिया। एहतियात के तौर पर कोरोना की जांच कराया गया। रिपोर्ट निगेटिव आने पर अधिकारियों ने जुबरैल को रैन बसेरा में क्वारंटाइन करा दिया।
तीन दिन पहले उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गई।
कैंट पुलिस ने इसकी जानकारी जुबरैल के बड़े भाई हामिद अंसारी और कुशीनगर में रहने वाली बहन गुलेशा को दी, लेकिन शव लेने कोई नहीं आया। प्रभारी निरीक्षक कैंट रवि राय ने बताया कि युवक के घरवालों को सूचना दे दी गई है। सोमवार सुबह तक किसी के न आने पोस्टमार्टम कराया जाएगा।