करीब पांच साल से घेंघा रोग से पीड़ित 35 वर्षीय उमाशंकर को एम्स के डॉक्टरों ने गले के बढ़ते भार से मुक्ति दिलाई है। बुधवार को रमाशंकर के गले का ऑपरेशन कर 540 ग्राम के थायराइड ग्रंथि को निकाला गया। युवक को बेहोश करने के लिए दूरबीन का इस्तेमाल किया गया।
एम्स के नाक कान गला विभाग की विशेषज्ञ डॉ. पंखुड़ी मित्तल ने बताया कि आमतौर पर घेंघा की गांठ 4 से 6 सेंटीमीटर की होती है, लेकिन इस मरीज की थायराइड ग्रंथि बड़ी होने के कारण ऑपरेशन जटिल था।
ऑपरेशन को पूरा कराने में डॉ. रुचिका अग्रवाल, एनेस्थिसिया विभाग से डॉ. विक्रम सेठी, अंकिता काबी, डॉ. प्रियंका द्विवेदी, डॉ. सोनम आदि मौजूद रहीं। ऑपरेशन के लिए मरीज़ की श्वास नली के जरिए बेहोश किया था, लेकिन नली में दिक्कत के कारण डॉ. सुबोध कुमार की मदद ली गई। ऑपरेशन सफल रहने पर सबने राहत की सांस ली।