उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में नगर निगम की जमीन को अपना बताकर उसकी रजिस्ट्री करने का मामला सामने आया है। पीड़ित को जालसाजी की जानकारी तब हुई जब नगर निगम ने जमीन को अपना बताते हुए पक्के घर को ध्वस्त कर दिया। इसकी शिकायत करने पर आरोपी ने धमकी भी दी। अब पीड़ित ने कैंट थाने में तहरीर दी है जिसके आधार पर पुलिस ने विशुनदेव शाही और उनकी पत्नी सीमा शाही के खिलाफ अमानत में खयानत और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, गगहा इलाके के रियांव निवासी अनिल कुमार शाही ने 30 जुलाई 2014 को महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर दो में पूर्व परिचित प्रॉपर्टी डीलर विशुनदेव शाही से और उनके सहयोगी विक्रम लाल से 3052 वर्ग फुट जमीन 22 लाख रुपये में अपनी पत्नी मधुबाला शाही के नाम से बैनामा कराई। इसके बाद तीन कमरे के मकान का निर्माण भी करा लिया। 20 जून 2020 को जिला प्रशासन और नगर निगम ने उक्त जमीन को निगम की बताकर उनका मकान ध्वस्त करा दिया।
आरोप है कि इस धोखाधड़ी की जानकारी होने पर पीड़ित अनिल कुमार शाही ने विशुनदेव से 22 लाख रुपये वापस करने या दूसरी जमीन का बैनामा करने को कहा तो विशुनदेव कुछ दिन तक टालते रहे। बाद में रुपये वापस करने से मना करते हुए अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। अनिल शाही ने पुलिस अधिकारियों को तहरीर दी तब पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था लेकिन फिर एक बार वह विशुनदेव की बातों में आ गए।