जुआ खेलने के लत में पड़े बेटे ने अपने मां-बाप से जालसाजी कर उनके बैंक खाते से 25 लाख रुपये उड़ा दिए। परेशान पिता ने बेटे पर केस दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपित बेटे को पकड़ा तो माता-पिता फफक पड़े। थाने में आकर बेटे को छोड़ने की गुहार लगाई। उन्होंने केस वापसी का प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस ने भी घरेलू मामला होने की वजह से केस खत्म करने का फैसला किया है। हालांकि पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने युवक को जुआ खेलने की लत लगाई थी।
जानकारी के मुताबिक, देवरिया के पिपरा बघेल गांव के मूल निवासी उदय नरायन सिंह झारखंड के कोल इंडिया में क्लर्क के पद पर कार्यरत थे। सेवानिवृत्त होने के बाद पत्नी विमला के साथ 2012 में गोरखपुर चले आए। मोहनापुर में जमीन लेकर मकान बनवाया और फिर वहीं पर रहने लगे। दो बेटों में बड़े पुत्र संजय सिंह झारखंड में रहते थे। उनकी मौत हो गई तो उनके दोनों बच्चे दादा-दादी के पास चले आए। उदय नरायन सिंह ने छोटे बेटे संजीव को पढ़ाई के लिए झांसी भेज दिया। झांसी में ही पेंशन के लिए खाता खोल दिया। फिर 2017 में अचानक छोटा बेटा संजीव सिंह घर चला आया। उसने एमबीए किया था। उसने कहा कि वह घर पर ही व्यापार के साथ माता-पिता की सेवा भी करेगा।