आशा कार्यकत्रियों ने बांसगांव थाने का किया घेराव।
- फोटो : अमर उजाला
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरनही के पास स्थित सोनू मेडिकल स्टोर के संचालक द्वारा आशा कर्मी सीता देवी की पिटाई के विरोध में आशा कार्यकत्रियों ने सोमवार को बांसगांव थाने का घेराव किया। आरोप था कि रविवार को हुई मारपीट के मामले में पुलिस केस दर्ज नहीं कर रही है। आशाओं के एकत्र होने के बाद आनन फानन पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपित दुकान संचालक सोनू पासवान को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक आशा कार्यकत्री सीता देवी रविवार को सीएचसी पर एक गर्भवती को लेकर गईं थीं। इस दौरान कुछ इमरजेंसी दवा की जरूरत आन पड़ी जिसे लेने के लिए वह बाहर मेडिकल स्टोर पर चली गई। मेडिकल स्टोर से दवा लेने के दौरान ही विवाद हो गया। आरोप है कि दुकान संचालक सोनू पासवान ने आशा सीता को मार दिया। इसकी शिकायत करने के बाद भी केस दर्ज नहीं हो सका।
आशा कार्यकत्री इससे नाराज हो गईं। सोमवार को संघ की अध्यक्ष चंदा यादव की अगुवाई में कई ब्लॉक की आशा एकत्र हो गईं और थाने का घेराव किया। जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि शिकायत के बाद ही आरोपित को हिरासत में ले लिया गया था।
इस दौरान आशा बहु किरण शुक्ला, सुशीला सिंह, गीता देवी, किरण देवी, पानमती, रीता, रागिनी सिंह, नीलम पासवान, किरण सिंह, अनीता सिंह, कमलेश सिंह, कौशल्या देवी, मनसा देवी, संगीता देवी, ममता देवी, मीना देवी, सरिता देवी, मनोरमा देवी, पूनम गिरी, बबीता देवी, हसीना बेगम, लक्ष्मी देवी, रोशनी देवी, संगीता देवी, अनीता आदि मौजूद रहीं।