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देवरिया: करंट की चपेट में आने से युवा भाजपा नेता की मौत, अधूरा रह गया बहन की धूमधाम से शादी करने का सपना

Sun, 07 Feb 2021 06:11 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
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मृतक की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भटनी नगर के प्राइमरी पाठशाला वार्ड निवासी भाजपा युवा नेता की रविवार को करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। जवान बेटे की मौत से घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वहीं इस घटना से नगर और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का बिलखना देख दरवाजे पर पहुंचा हर शख्स रो पड़ा।

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जानकारी के अनुसार, भटनी नगर के वार्ड संख्या दो प्राइमरी पाठशाला निवासी अशोक खरवार के पुत्र मनीष कुमार खरवार (26) भाजपा के आईटी सेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह इसके अलावा देवरिया मालवीय रोड स्थित एक थोक व्यवसाई के वहां रहकर काम भी सिख रहे थे।

रविवार को बाजार बंदी होने की वजह से मनीष शनिवार रात घर आए थे। रविवार सुबह करीब 10 बजे विद्युत कनेक्शन में दिक्कत आने पर मनीष उसे ठीक करने में जुट गए। इसी दौरान वे विद्युत करंट के चपेट में आ गए।
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परिजन मनीष को सीएचसी ले गए जहां स्थिति गंभीर देख डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जिससे घर में कोहराम मच गया। पिता अशोक खरवार, बड़े भाई आशीष खरवार, मां चंद्रावती देवी और बहन नेहा का रो-रोकर बुरा हाल है।

वहीं हृदयविदारक घटना से हैरान भाजपाई और नगरवासी मृतक के दरवाजे पर जुट गए। नम आंखों से दरवाजे पर पहुंचे लोगों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी पंचमलाल ने बताया कि करंट से भाजपा नेता की मौत होने की जानकारी मिली है। पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है।

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पिता की आंखें कमजोर होने पर संभाल ली थी परिवार की जिम्मेदारी

नगर के प्राइमरी पाठशाला निवासी अशोक खरवार देवरिया में छोटा व्यवसाय कर अपने परिवार का जीविका चलाते है। जबकि बड़ा बेटा बाईपास रोड स्थित एक दुकान चलाता है। वहीं मृतक मनीष और बेटी नेहा पढ़ाई करती थी। कुछ सालों से पिता की आंखे कमजोर हो गईं और वे घर चले आए। ऐसे में मनीष देवरिया मालवीय रोड स्थित एक थोक व्यवसाई के यहां रहकर काम करके अपनी घर की पूरी जिम्मेदारी संभाल ली थी। वह अपने पिता से हमेशा कहता था कि आप चिंता न करें। वह पूरी घर-गृहस्थी बहुत बढ़िया से चलाएगा और बहन की शादी धूमधाम से करेगा। उसकी बातें याद कर मां चंद्रावती देवी व पिता अशोक दहाड़े मारकर रो रहे थे।
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