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योगी का फरमान, रोजाना 1000 तक रैपिड टेस्ट करें, कोविड अस्पतालों में बढ़ाएं बेडों की संख्या

Sun, 26 Jul 2020 12:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
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सीएम योगी... - फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर एवं बस्ती मण्डल की कोविड-19 की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि हर जिले में रोजाना 500 से 1000 रैपिड टेस्ट कराए जाएं। कोविड अस्पतालों में बेडों की संख्या बढ़ाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि मरीजों को किसी भी तरह की दिक्कत न होने पाए। पिछली बैठक की ही तरह मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया कि कोरोना से मरीजों की मौत नहीं होनी चाहिए। मृत्यु होने पर उसका सत्यापन कराया जाएगा और अगर लापरवाही सामने आई तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने शनिवार को गोरखपुर के एनेक्सी भवन सभागार में कोविड- 19 की स्थिति, इलाज के बंदोबस्त और बचाव कार्यों से जुड़े एक-एक बिंदु की समीक्षा की। इस दौरान देवरिया, कुशीनगर और बस्ती के सीएमओ की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए उनकी तैयारियों पर सवाल खड़े किए। साथ ही हिदायत दी कि जल्द ही कमियों को सुधारा नहीं गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

उन्होंने निर्देश दिए कि स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फागिंग कार्य नियमित रूप से चलाया जाए। प्रत्येक कोविड केस की जांच हो और कान्टेक्ट ट्रेसिंग को और बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कोविड अस्पतालों में साफ सफाई, मरीजों को समय से भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही डॉक्टरों को नियमित राउंड कर मरीजों की  गरानी और इलाज करने का निर्देश दिया।
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बैठक में एडीजी दावा शेरपा, मण्डलायुक्त गोरखपुर जयन्त नार्लिकर, मण्डलायुक्त बस्ती अनिल सागर, डीआईजी राजेश डी मोदक, जिलाधिकारी गोरखपुर के विजयेन्द्र पाण्डियन, सिद्धार्थनगर दीपक मीणा, देवरिया अमित किशोर, महराजगंज डा उज्जवल कुमार, कुशीनगर भुपेन्द्र एस चैधरी, संतकबीरनगर रवीश गुप्ता, सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी, आईएमए एवं नर्सिंगहोम एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

होम आइसोलेशन के नियमों का सख्ती से कराएं पालन
मुख्यमंत्री ने होम आइसोलेशन के नियमों का सख्ती से पालन कराने की हिदायत दी। साथ ही निर्देश दिए कि जो भी मरीज होम आइसोलेशन हैं, उनकी नियमित निगरानी की जाए। उनके इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए साथ ही पानी उबालकर पीने के लिए भी लोगों को जागरूक किया जाए। अस्पतालों में भी गर्म पानी दिया जाए।

10 लोग एकत्रित हो तो कोविड हेल्प डेस्क बनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां 10 अधिक लोग एकत्रित हो रहे हों, उस हर जगह पर कोविड हेल्प, डेस्क अनिवार्य रूप से बनाया जाए। हेल्पडेस्क पर पल्स आक्सीमीटर एवं इन्फरारेट थर्मामीटर से लोगों का परीक्षण किया जाए।
 

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वार्डों एवं ग्राम पंचायतों में सर्विलांस पर जोर

सीएम योगी... - फोटो : अमर उजाला
सीएम ने कहा कि हर वार्ड-ग्राम पंचायतों में नोडल अधिकारी तैनात कर निगरानी समिति को और एक्टिव किया जाए। सर्विलान्स का काम बेहतर करे ताकि संदिग्ध मरीजों की पहचान तेजी से हो सके। डोर टू डोर सर्वे पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इस समय कोविड-19 के मद्देनजर गंभीर चुनौतियां हैं इसलिए थोड़ी भी लापरवाही नहीं चलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल इंफेक्शन न फैले इसके लिए लगातार आईएमए, नर्सिंगहोम एसोसिएशन एवं प्रशासन एक दूसरे से संवाद करते रहे। नर्सिंगहोम-प्राइवेट अस्पताल के प्रतिनिधियों से कहा कि कोविड मरीजों को रेफर करने की सूचना कन्ट्रोल रूम को तत्काल दें। हर संदिग्ध की जांच सुनिश्चित की जाए। निगरानी समिति द्वारा तत्काल बाहर से आए लोगों की सूचना उपलब्ध कराया जाए। सर्वे का कार्य लगातार चलता रहे।

आईएमए, मेडिकल एसोसिएशन को सहायता उपलब्ध कराए प्रशासन

मुख्यमंत्री ने आईएमए एवं नर्सिंगहोम एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी बात की साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि कोविड अस्पताल के संचालन के लिए मांगी जा रही सहायता प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना से होने वाली मौतों के मामले में कोविड प्रोटोकाल के तहत शव का निस्तारण शीघ्रता से कराया जाए।
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