उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कर्मियों ने कोरोना सैंपल का कचरा प्राचार्य कार्यालय के पीछे खुले मैदान में जलाना शुरू कर दिया। कचरे में थर्माकोल के डिब्बे ज्यादा थे। इसकी वजह से तेजी से धुआं उठा। इस पर मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया। कर्मियों को लगा कि आग प्राचार्य कार्यालय में लग गया। सूचना पर तत्काल पुलिस और प्राचार्य भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को फटकार लगाई। साथ ही फौरन आग को बुझवाया।
जानकारी के मुताबिक, प्राचार्य कार्यालय के पीछे माइक्रोबायलॉजी विभाग है और आरएमआरसी का लैब हैं। जहां पर कोरोना की जांच होती है। गोरखपुर के सभी जिलों के सैंपल यहीं पर आते हैं। सैंपल थर्माकोल के डिब्बे में रहते हैं। बताया जाता है कि लगातार सैंपलों की संख्या बढ़ने की वजह से यह कचरा लगभग दो ट्रक हो गया था। जिसे विभाग के पीछे फेंका गया था।
रविवार को दिन में लगभग 2:30 बजे कर्मचारी कचरे को जलाने लगे। इस पर प्राचार्य कार्यालय के पास से धुआं उठने लगा। लोगों को लगा कि प्राचार्य कार्यालय में आग लग गई है। इस पर लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि थर्माकोल के डिब्बे जल रहे हैं।
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की देखरेख में माइक्रोबायोलॉजी विभाग से दूर खुली जगह पर पर सावधानीपूर्वक कचरा जलाया जा रहा था। फिर भी एहतियात के तौर आग बुझवा दी गई। बता दें कि कचरा जलाने के लिए कॉलेज प्रशासन के पास इंसीनरेटर की सुविधा उपलब्ध है।