अप्रैल, मई और जून में नहीं आए पर्यटक
क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018 में कुल 2792261 पर्यटक गोरखपुर आए थे, जिसमें 38715 विदेशी सैलानी शामिल हैं। साल 2019 में 3051043 पर्यटक गोरखनगरी आए, जिसमें विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़कर 42010 हो गई। कोरोना संकट वाले वर्ष 2020 में 31 अगस्त तक केवल 1440112 पर्यटक आए हैं। इनमें विदेशी सैलानियों की संख्या 8909 है।
आंकड़े भी बता रहे हैं कि इस साल सर्वाधिक पर्यटक जनवरी, फरवरी और मार्च माह में आए हैं यानी लॉकडाउन से पहले। अप्रैल, मई और जून में पर्यटकों के आगमन की संख्या न के बराबर है। लॉकडाउन में छूट देने के बाद भी होटल, रेस्टोरेंट या सैर-सपाटे के लिए निकलने वाले लोगों की संख्या ज्यादा नहीं है।
पर्यटन के महत्व और लोकप्रियता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने 1980 से 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया। इस दिन को चुने जाने की वजह इसी दिन 1970 में विश्व पर्यटन संगठन के संविधान को स्वीकार किया जाना था। पर्यटन दिवस की खासियत यह है कि हर साल लोगों को विभिन्न तरीकों से जागरूक करने के लिए हर पर्यटन दिवस की अलग-अलग थीम रखी जाती है। वर्ष 2020 की थीम पर्यटन एवं ग्रामीण पर्यटन रखा गया है।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि पर्यटन स्थलों को खोलने के लिए शासन की गाइडलाइंस का इंतजार है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से संचालित सभी कार्यों का काम तेजी से निपटाया जा रहा है। जल्द ही वॉटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, रामलीला मैदान, जटाशंकर गुरुद्वारा समेत शहीद स्मारकों और प्राचीन मंदिरों के सुंदरीकरण के काम को पूरा कराया जाएगा।