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world tourism day 2020: वेंटिलेटर पर घरेलू पर्यटन उद्योग, पर्यटकों की संख्या हुई आधी, ये है बड़ी वजह

Sun, 27 Sep 2020 02:19 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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विश्व पर्यटन दिवस 2020 - फोटो : राजेश कुमार
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कोरोना महामारी ने घरेलू पर्यटन उद्योग को वेंटिलेटर पर डाल दिया है। 25 मार्च से लगे देशव्यापी लॉकडाउन को भले ही अन्य क्षेत्रों के लिए खोल दिया गया है, लेकिन पर्यटन क्षेत्र के लिए अब भी तमाम तरह की पाबंदियां जारी हैं। इस कारण पर्यटन के क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों में मायूसी है।

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कोरोना के संक्रमण के डर से घरेलू पर्यटन स्थलों पर भी लोग नहीं जा रहे हैं। इस कारण पर्यटन स्थलों पर वीरानी है। पाबंदियां कब हटेंगी और पर्यटक कब घूमने निकलेंगे इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। इस बीच पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को हर रोज बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
 
छह महीने की लगातार बंदी ने होटल, टूर एंड ट्रेवेल्स, रेस्टोरेंट के साथ-साथ रेलवे और हवाई सेवा पर भी कहर ढाया है। भविष्य की आशंका के चलते लोगों की प्राथमिकता में शुमार घूमने फिरने का विचार ठंडे बस्ते में चला गया है। हालात यह हैं कि लोकल और विदेशी सैलानियों की संख्या पिछले दो वर्षों की अपेक्षा घटकर आधी रह गई है।
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लॉकडाउन के दौरान तो शून्य ही रही है। अनलॉक वन के बाद जरूर कुछ क्षेत्रों में गतिविधियां शुरू हुई हैं, लेकिन उससे कोई खास राहत नहीं मिली है। इंटरनेशनल उड़ानें बंद होने की वजह से विदेशी पर्यटक बिल्कुल भी नहीं आ रहे हैं। जबकि विदेशी पर्यटकों से बहुतों का रोटी-रोजी चलता है। 

अप्रैल, मई और जून में नहीं आए पर्यटक  
क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018 में कुल 2792261 पर्यटक गोरखपुर आए थे, जिसमें 38715 विदेशी सैलानी शामिल हैं। साल 2019 में 3051043 पर्यटक गोरखनगरी आए, जिसमें विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़कर 42010 हो गई। कोरोना संकट वाले वर्ष 2020 में 31 अगस्त तक केवल 1440112 पर्यटक आए हैं। इनमें विदेशी सैलानियों की संख्या 8909 है।

आंकड़े भी बता रहे हैं कि इस साल सर्वाधिक पर्यटक जनवरी, फरवरी और मार्च माह में आए हैं यानी लॉकडाउन से पहले। अप्रैल, मई और जून में पर्यटकों के आगमन की संख्या न के बराबर है। लॉकडाउन में छूट देने के बाद भी होटल, रेस्टोरेंट या सैर-सपाटे के लिए निकलने वाले लोगों की संख्या ज्यादा नहीं है।
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क्या है विश्व पर्यटन दिवस की अहमियत

पर्यटन के महत्व और लोकप्रियता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने 1980 से 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया। इस दिन को चुने जाने की वजह इसी दिन 1970 में विश्व पर्यटन संगठन के संविधान को स्वीकार किया जाना था। पर्यटन दिवस की खासियत यह है कि हर साल लोगों को विभिन्न तरीकों से जागरूक करने के लिए हर पर्यटन दिवस की अलग-अलग थीम रखी जाती है। वर्ष 2020 की थीम पर्यटन एवं ग्रामीण पर्यटन रखा गया है।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि पर्यटन स्थलों को खोलने के लिए शासन की गाइडलाइंस का इंतजार है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से संचालित सभी कार्यों का काम तेजी से निपटाया जा रहा है। जल्द ही वॉटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, रामलीला मैदान, जटाशंकर गुरुद्वारा समेत शहीद स्मारकों और प्राचीन मंदिरों के सुंदरीकरण के काम को पूरा कराया जाएगा।
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