जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि उच्च रक्तचाप की समस्या भी आनुवांशिक बीमारी है। 30 से 35 फीसदी लोगों में यह बीमारी अपने माता-पिता से आती है। सिर दर्द, नाक से खून आना, धुंधला दिखना, चक्कर आना, पेशाब में खून आना, सांस तेज चलना या सांस लेने में तकलीफ होना, दिल की धड़कन बढ़ना और थकान होने जैसे लक्षण अगर लगातार बने हुए हैं तो यह उच्च रक्तचाप हैं।
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दोनों हाथों की बीपी जांच जरूरी
डॉ. कुणाल ने बताया कि जिन्हें बीपी की समस्या है। वह लोग अक्सर एक हाथ की बीपी चेक कराते हैं। जबकि, ऐसा नहीं होना चाहिए। उच्च रक्तचाप की सही रीडिंग के लिए दोनों हाथों की जांच जरूरी है। दोनों हाथों का उच्च रक्तचाप लें और अगर रीडिंग में फर्क है तो डॉक्टर से सलाह जरूर करें। अगर एक हाथ रीडिंग में बढ़ा हुआ है तो बिना घबराए पांच मिनट बाद दोबारा भी नाप सकते हैं।
16 से 20 फीसदी लोगों की चल रही दवा
सीएमओ ने बताया कि राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2019-21) के मुताबिक 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की 16.8 फीसदी महिलाओं और 20.7 फीसदी पुरुषों के बीपी का स्तर ज्यादा है। ऐसे लोगों को दवाएं दी जा रही है।