गोरखपुर। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन मंगलवार को कोषागार में रात आठ बजे तक लेन-देन की प्रक्रिया संचालित होगी। इसके बाद शासन स्तर से पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। वहीं, सोमवार को अब तक किसी भी विभाग की ओर से बड़ी धनराशि सरेंडर नहीं की गई है। पुराने अधिकांश बिलों का निस्तारण पहले ही किया जा चुका है।
मंगलवार को छुट्टी के दिन भी कार्यालय अपने निर्धारित समय पर खुला रहेगा और सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को समय से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक कोषागार में अपेक्षित दबाव नजर नहीं आया। सोमवार को पूरे दिन कार्य सामान्य दिनों की तरह चलता रहा। बिलों की न तो अधिकता दिखी और न ही किसी तरह का दबाव नजर आया। विभिन्न विभागों की ओर से नियमित रूप से बिल प्रस्तुत किए गए, जिनका सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया जारी रही। अधिकारियों ने बताया कि अब मंगलवार को प्राप्त होने वाले नए बिलों को ही अंतिम रूप से क्लीयर किया जाएगा। वर्ष 2013-14 से सभी भुगतान ई-पेमेंट प्रणाली के माध्यम से किए जा रहे हैं। चेक व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और अब आनलाइन बिल प्रस्तुतीकरण के साथ ई-कुबेर प्रणाली के जरिये भुगतान किया जाता है।