सत्ता का सेमीफाइनल जीता, अब मिशन 2022 की बारी
गोरखपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव में जीत से उत्साहित भाजपा अब मिशन 2022 की तैयारी में जुट गई है। पदाधिकारी, कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधि आगामी विधानसभा चुनावों में जीत का दम भर रहे हैं। कह रहे हैं कि सत्ता के सेमीफाइल की जंग जीत ली है। अब बारी विधानसभा चुनाव में जीत की है।
यूपी में जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव को सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा था। इसी का नतीजा रहा कि भाजपा पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरी थी। पहले जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में परचम लहराया, फिर ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव में सफलता हासिल की है। यह पहला मौका है जब गोरखपुर के 18 ब्लॉकों में भाजपा की सरकार बनी है। बड़हलगंज और उरुवा में भी भाजपा के बागी ही चुनाव जीते हैं। सपा, कांग्रेस या फिर बसपा का खाता तक नहीं खुल सका है। गोरखपुर में विधानसभा की नौ सीटें हैं। क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि पिछले चुनाव में गोरखपुर की नौ में से आठ विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी। इस बार नौ पर जीत हासिल करेंगे। इसकी तैयारी तेज कर दी गई है।
गोरखपुर क्षेत्र की 62 में से 55 विधानसभा सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चुनाव मैदान में जाना है। सत्ता के सेमीफाइनल कहे जा रहे जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव में पार्टी को शानदार जीत मिली है। भाजपा जमीनी कार्यकर्ता जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख बन गए हैं। इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ है। सब घर-घर जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने वालों से समर्थन मांगेंगे। निश्चित ही सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।
पिछले चुनाव में जीती थी 62 सीटें
गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के 10 जिलों में विधानसभा की 62 सीटें हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अकेले 44 सीटें जीती थीं। दो सीटें सहयोगी दलों के पास गई थीं। पंचायत चुनावों में जीत से भाजपा उत्साहित है। लिहाजा, पिछले चुनाव से ज्यादा सीटें जीतने का दम भर रही है।
दिग्गजों की गढ़ में हार से चिंता की लकीरें
भाजपा को चुनावों में भले ही जीत मिली है, लेकिन क्षेत्र के कुछ ब्लॉकों में हार ने चिंता जरूर बढ़ाई है। बेसिक शिक्षामंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी के गढ़ सिद्धार्थनगर के इटवा में सपा की सूर्यमति पांडेय ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीत गई हैं। इसी तरह स्वास्थ्य मंत्री राजा जय प्रताप सिंह की विधानसभा क्षेत्र से जुड़े बांसी ब्लॉक से सपा की नीलम यादव को जीत मिली है। भाजपा प्रत्याशी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। गोरखपुर के खजनी से भाजपा विधायक संत प्रसाद की बहू शांति बेलदार उरुवा से ब्लॉक प्रमुख चुनाव नहीं जीत सकी हैं। इस सीट से विधायक के साथ ही भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। हालांकि, चुनाव जीतने वाली प्रभावती को भी भाजपा अपना बता रही है।
15 को भाजपा प्रदेश कार्य समिति की बैठक
पंचायत चुनावों में जीत के साथ पार्टी मिशन 2022 की तैयारी में जुट गई है। इसी लिहाज से रणनीति तय कर दी गई है। रविवार को क्षेत्रीय अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में पत्रकारों से संवाद करने का लक्ष्य दिया गया है। 12 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्यों को शपथ लेनी है। 13-14 जुलाई जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य, ब्लॉक प्रमुख व क्षेत्र पंचायत सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। 15 जुलाई को पदाधिकारियों की बैठक होगी। 16 जुलाई को प्रदेश कार्य समिति की बैठक होनी है। इसमें आगामी विधानसभा चुनाव की विस्तृत रूपरेखा तय की जाएगी।
सात जिलों में भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भी भाजपा का प्रदर्शन अच्छा रहा है। गोरखपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव पार्टी ने निर्विरोध जीत लिया। देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती और सिद्धार्थनगर में भी जिला पंचायत अध्यक्ष की कमान भाजपा के पास है। मऊ में भी पार्टी प्रत्याशी को निर्विरोध जीत मिली थी। हालांकि आजमगढ़, संतबीरनगर और बलिया में भाजपा के हाथ जीत फिसल गई। इन जिलों में सपा का जिला पंचायत अध्यक्ष बना है।