कोरोना वायरस से जंग लड़ने के लिए समाज का हर वर्ग जुटा हुआ है। संक्रमण के बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) किट की मांग बढ़ गई है। सरकारी या प्राइवेट अस्पतालों में पीपीई किट की कमी को देखते हुए स्वयं सहायता समूह की महिलाएं किट बनाने में जुटी हैं।
यह किट सस्ते दर पर उपलब्ध कराई जाएंगी। दो दिन में तैयार हुई 500 किटें मंगलवार को सीडीओ ने सीएमओ को सौंपा। 29 जनवरी के बाद से कोरोना वायरस के संक्रमण से प्रभावित होने वालों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। मास्क, सैनिटाइजर, दस्ताने आदि की काफी कमी हो गई है।
इस बीच सरकारी या गैर सरकारी अस्पतालों में पीपीई यानी पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट किट की भी मांग बढ़ गई है। संभावित मरीजों के उपचार को लेकर चिकित्सक समेत पैरा मेडिकल स्टाफ को इसकी जरूरत महसूस होने लगी है। जिला अस्पताल समेत अन्य चिकित्सालयों में किट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में महिला प्रेरणा ग्राम संगठन की महिलाओं ने किट तैयार करने का बीड़ा उठाया है। शहर के सिसहनिया, विकास भवन से सटे परसा गांव, बांसी कस्बा, जनियाजोत में 18 महिलाओं ने किट तैयार करना शुरू कर दिया है।
इनमें वंदना द्विवेदी, जनियाजोत की रेनू, रीता, परसा की कृष्णावती, बांसी कस्बे की सरोज बाला समेत 18 महिलाएं योगदान दे रही हैं। जिला विकास अधिकारी शेषमणि सिंह ने बताया कि अब तक 500 किट तैयार की जा चुकी हैं।
प्राथमिकता के आधार पर जिला अस्पताल, पुलिस कर्मियों, गैर सरकारी चिकित्सालयों में 150 रुपये से 200 रुपये के बीच एक किट की बिक्री की जाएगी।