- आईटीएम गीडा के इंजीनियरिंग के छात्रों ने तैयार किया है यह डिजिटल टी-शर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट गीडा के इंजीनियरिंग की छात्रा सुप्रिया पांडेय व छात्र संदीप ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसा डिजिटल विमेंस पावर टी-शर्ट बनाया है, ज़ो सुनसान जगहों पर अकेली महिलाओं की सुरक्षा कवच बनेगा। दिल्ली में साक्षी के साथ हुई घटना को देखते हुए संस्थान के दोनों छात्र-छात्रा ने कुछ ऐसा करने को सोचा जिससे अकेली महिलाओं को सुरक्षा मिल सके।
ये टी-शर्ट दिखने में आम कपड़ों जैसा ही लगता है, लेकिन यह कई टेक्नोलॉजी से लैस है। डिजिटल विमेंस पावर सेफ्टी टी-शर्ट में लगे खास तरह के ब्लूटूथ बटन को किसी भी मोबाइल के ब्लूटूथ से जोड़ कर परिवार के किसी भी तीन सदस्य के नंबर को सेट किया जा सकता हैं।
जरूरत पड़ने पर बटन ब्लूटूथ को प्रेस करने से सुरक्षित किए गए नंबर पर लोकेशन चला जाएगा। इससे समय रहते परिवार के सदस्यों को सूचना मिल जाएगी और वो घटना स्थल पर पहुंच कर मदद कर सकते हैं।
डिजिटल टी-शर्ट में 2000 वोल्ट का करंट दौड़ने लगता है जो असामाजिक तत्वों से महिला की सुरक्षा करेगा। छात्रों ने तीन दिनों में ही इस टी-शर्ट के प्रोटोटाईप मॉडल को तैयार किया है। एक टीशर्ट एक बार चार्ज करने पर चार से पांच दिनों तक काम कर सकता है।
इसे बनाने में लगभग 1,200 रुपये का खर्च आए हैं और तीन दिन का समय लगा है। इस मॉडल को तैयार करने में एक डीसी टू ऐसी सर्किट है जो तीन वोल्ट को 2000 वोल्ट में कन्वर्ट करता है। इसके साथ ब्लूटूथ मॉडुल, 4 वोल्ट बैटरी, वाइब्रेशन सेंसर, स्विच, बटन कोइन सेल, आदि उपकरणों का प्रयोग किया गया है।
संस्थान के निदेशक डॉ एनके सिंह ने बताया हमारे छात्र लगातार महिलाओं की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं। संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया, संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल एवं सभी विभागों के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त की।