पीआरएसएस की ओर से आयोजित मातृशक्ति सम्मेलन एवं होली मिलन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि रीना त्रि
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ, मुख्यालय मंडल की ओर से मातृशक्ति सम्मेलन एवं महिलाओं का होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन बृहस्पतिवार को हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि शिक्षाविद रीना त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सृजन और शक्ति का प्रतीक माना गया है। इसे व्यावहारिक रूप से स्थापित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है जब महिलाओं को सम्मान, शिक्षा और अवसरों की समान भागीदारी मिले। महिलाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा और आत्मविश्वास के माध्यम से अपने जीवन को मजबूत बनाएं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने कहा कि महिलाओं का आत्मनिर्भर बनना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। शिक्षित और जागरूक महिला ही परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी रीता मिश्रा ने कहा कि संघर्ष और संकल्प से महिलाएं हर क्षेत्र में पहचान बना रही हैं। अंत में सभी ने एक-दूसरे के साथ फूलों की होली खेलकर शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर अधिवक्ता रूपल त्रिपाठी, प्रीति, सुनीता, राजकुमारी देवी, सुकन्या, सविता, रश्मि गुरुंग, मीरा, सुधा रानी त्रिपाठी, शायरा बानो, अंजू, परमजीत कौर आदि की उपस्थिति रही।