जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ रोहित गुप्ता ने बताया कि मोटापे की वजह से लोगों के खून में वसा का स्तर बढ़ने लगता है। इससे मांसपेशियों की कोशिकाओं में तनाव बढ़ जाता है। कोशिकाओं में रक्त का संचार कम होता है। इससे शरीर में तमाम तरह की परेशानियां होती हैं। चेहरे की रंगत बिगड़ने लगती है और शरीर के बाहरी हिस्सों में दाग भी पड़ जाते हैं। इनसे कार्डियोवस्कुलर और डायबिटीज टाइप-2 हो जाता है। मोटे लोगों में गाल ब्लैडर की पथरी, अर्थराइटिस, स्लीप एप्निया के साथ ही संतानहीनता का भी खतरा रहता है।
मां बनने के साथ कई बीमारियां भी घेर रहीं
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ सुधीर गुप्ता ने बताया कि महिलाओं में मोटापा की वजह से कई बीमारियां घेर रही हैं। सबसे बड़ी दिक्कत मां बनने में हो रही है। 10 में से तीन महिलाओं को यह समस्या है। मोटापे की वजह से महिलाएं देर से गर्भधारण करती हैं। अगर किसी तरह गर्भधारण हो भी जाता है, तो वह टिकता नहीं है। ऐसे केस बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन आ रहे हैं।