महिला दिवस पर दसवीं की छात्रा अंशिका वर्मा ने बताया कि 27 मई 2017 की बात है। बरडाड़ स्थित सराफ की दुकान से पिता कृष्णा कुमार के साथ घर खजनी लौट रही थी। रास्ते में एक ही बाइक पर सवार तीन बदमाश पीछे पड़ गए।
एक ने मेरे हाथ से आभूषणों का झोला छीनने की कोशिश की तो मैं मुंह बांधे बदमाश पर झपट पड़ी। उसका गमछा हाथ आया तो पूरी ताकत से खींच लिया। देखते ही देखते बदमाश जमीन पर आ गिरा।
पापा ने भी ईंट उठाकर एक के सिर पर दे मारी। एक पकड़ा गया, दो भाग निकले। बदमाशों से न डरी और न ही आगे डरूंगी। पिता के गहने लुटने से बचा लिए, इससे आत्मसंतोष मिला है।