महिला किसान छोहाड़ी देवी 52 वर्ष की उम्र में जैविक खेती के माध्यम से सिर्फ डेढ़ बीघा जमीन में 20 किस्म की फसलें उगाकर दूसरों को भी जैविक खेती के लिए प्रेरित कर रही हैं। साथ ही गांव की महिलाओं को एकत्र कर अगरबत्ती बनाकर 24 परिवारों को आजीविका भी उपलब्ध करा रही हैं। समाज को छोहाड़ी के इन योगदानों के लिए अमेरिका की एनजीओ ने अर्थ डे नेटवर्क सम्मान देकर सम्मानित किया है।
विकासखंड जंगल कौड़िया में स्थित पचगांवा गांव की रहने वाली प्रगतिशील किसान छोहाड़ी देवी के पास दो बीघा पुश्तैनी जमीन है। जो बाढ़ एवं जलभराव वाले क्षेत्र में है। अपने आठ सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण करने के लिए इनको कठिन परिश्रम करना पड़ता था।
इन्होंने काफी संघर्ष के बाद ग्राम प्रधान से अपने नाम डेढ़ बीघा खेत पट्टा कराया और उस पर स्वयं खेती करने लगीं। इन्होंने अपने घर के आंगन में छोटी सी गृह वाटिका भी बना रखी है और उसमें छोहाड़ी घर में उपयोग के लिए लौकी, कद्दू, धनिया, लहसुन, मूली, साग आदि उगाती हैं। साथ ही अपने डेढ़ बीघा खेत में वह वर्ष में 20 प्रकार की फसलें उगाती हैं।