समाजसेवा की ऐसी धुन चढ़ी कि चौरीचौरा की संगीता यादव प्रशासनिक सेवा की तैयारी छोड़कर राजनीत में आ गईं। कम उम्र में विधायक बनीं और क्षेत्र के विकास में लगी हैं। वे चौरीचौरा को आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने को कृत संकल्प हैं।
भाजपा विधायक संगीता यादव ने 10वीं कक्षा की पढ़ाई के बाद से ही समाजसेवा शुरू कर दी। सबसे पहले झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को पढ़ाया। इसी बीच इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की और उच्च शिक्षा पूरी करने लगीं। 2009 और 2010 में आईएएस की प्रारंभिक परीक्षा पास की। मुख्य परीक्षा भी दी लेकिन समाजसेवा से मोहभंग नहीं हुआ।
एचआईवी पीड़ित बच्चों की सेवा में लगी रहीं। संगीता के इस काम में पति व इनकम टैक्स के ज्वाइंट कमिश्नर अजय कुमार, पिता राम प्रसाद यादव और मां उर्मिला देवी ने मदद की। इससे हौसला बढ़ा और वह 2013 में भाजपा में शामिल हो गईं। 2014 से सक्रिय राजनीतिक सफर की शुरूआत की और 2017 का विधानसभा चुनाव जीतकर 35 साल की उम्र में ही विधायक बन गईं।
अब चौरीचौरा के डुमरी खुर्द में ही आवास बनाया है। उनका कहना है कि जो भी जरूरतमंद आया, उसे मदद दी गई है। सड़क, पानी, बिजली पर काम बहुत अच्छा हुआ है। क्षेत्र में मिनी स्टेडियम सहित तमाम खेल मैदान बनवाए जा रहे हैं। चौराचौरी के शहीद स्मारक और तरकुलहा मंदिर का कायाकल्प कराया जा रहा है।