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International Women's Day: आधी आबादी को जागरुकता की दरकार, महिलाओं को मिले हैं कई अधिकार

Sun, 08 Mar 2020 01:17 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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women day - फोटो : Social Media
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अमर उजाला का आज का अंक महिलाओं को समर्पित है। महिला दिवस पर उन योजनाओं की जानकारी खास तौर पर दी जा रही है, जिसकी जरूरत हर महिला को होती है। जरा सी सतर्कता बरती जाए तो तमाम सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जा सकता  है। कानून के साथ ही पढ़ाई-लिखाई, नौकरी में भी महिलाओं को विशेष छूट है। भूमि, भवन की रजिस्ट्री महिला के नाम पर कराने पर छूट मिलती है।
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स्टांप शुल्क में मिलती है एक फीसदी की छूट
महिलाओं के विकास के लिए सरकार ने संपत्ति की खरीद में भी उन्हें सुविधाएं दे रखी हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं को 10 लाख  रुपये तक की संपत्ति की खरीद के दौरान स्टांप शुल्क में एक फीसदी की छूट मिलती है। पुरुषों को स्टांप शुल्क सात फीसदी तो महिलाओं को छह फीसदी देना पड़ता है।

भ्रूण हत्या की सूचना दें, इनाम पाएं
महिला सशक्तीकरण मिशन के तहत कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए मुखबिर योजना का संचालन होता है। इसके लिए हेल्प लाइन नंबर 181 भी है, जहां कोई भी महिला सूचना देकर दस हजार से दो लाख रुपये तका का इनाम पा सकती है। इसके लिए इसकी सूचना सीएमओ कार्यालय, महिला एवं बाल विकास कल्याण विभाग में भी भ्रूण हत्या की सूचना दी जा सकती है। इस योजना के तहत घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं भी मदद मांग सकती हैं।
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बेटी के जन्म, पढ़ाई और शादी तक सरकार करती है आर्थिक मदद

women's day - फोटो : social media
कन्या सुमंगला योजना से लड़कियों की उच्च शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य एवं भविष्य का निर्माण करना है। कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत जन्म से लेकर उसकी शादी तक छह चरण में सरकार आर्थिक मदद दे रही है। सबसे पहले बच्ची के जन्म के समय 2000 रुपये, एक साल का टीकाकरण होने के बाद  1000 रुपये, पहली कक्षा में प्रवेश को 2000 रुपये दिए जाने हैं। इसके अलावा छठवीं में प्रवेश के बाद 2000 रुपये, नौवीं में प्रवेश के बाद 3000 रुपये, स्नातक या दो साल का कोई डिप्लोमा कोर्स करने पर 5000 रुपये  मिलते हैं। यानी इन सभी मदों में सरकार कुल 15 हजार रुपये की मदद देती है। नजदीकी डाकघर में इसके लिए आवेदन किया जा सकता है।

 ‘राशन’ की बागडोर महिलाओं के हाथ
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले की 7.5 लाख महिलाओं के हाथों घर के ‘राशन’ की बागडोर थमाई गई है। इन सभी परिवार की बालिग महिलाओं के नाम से राशन कार्ड बनाया गया है। जो महिला सशक्तीकरण का बेहतरीन उदाहरण है। इसके लिए दो तरह से ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन किसी भी जनसुविधा केंद्र पर एक महिला की ओर से आधार कार्ड, बैंक खाता और फोटो के साथ कर सकती है।

वहीं ऑफ लाइन आवेदन के फार्म विकास भवन में स्थित जिला पूर्ति अधिकारी से लेकर भरे जा सकते हैं। राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदक की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए। 400 वर्ग फीट से बड़ा मकान नहीं होना चाहिए। कोई चार पहिया वाहन रखने वाले राशन कार्ड के लिए अर्ह नहीं हैं। इसके साथ ही सरकार की ओर से उज्ज्वला गैस कनेक्शन के नाम पर 2.5 लाख परिवारों को उज्जवला कनेक्शन बांटा गया है। इस योजना में केंद्र सरकारी तेल कंपनियों को प्रति कनेक्शन 1,600 रुपये की सब्सिडी देती है।

सुकन्या समृद्धि योजना
सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) गर्ल चाइल्ड के लिए केंद्र सरकार की एक छोटी बचत योजना है जिसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्कीम के तहत लांच की गई  थी। 10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए उच्च शिक्षा और शादी के लिए बचत करने के लिहाज से केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना एक अच्छी निवेश योजना है। बैंक और पोस्ट ऑफि स में जाकर कोई भी व्यक्ति या कानूनी अभिभावक 10 साल से कम उम्र की बेटियों के लिए यह अकाउंट खुलवा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्कीम को 22 जनवरी 2015 में शुरू किया गया था। स्कीम पूरी होने पर पूरा फंड उस लड़की को मिलेगी, जिसके नाम पर ये खाता खुलवाया गया हो।

उद्यमी सखी योजना

women's day - फोटो : Social media
उद्यमियों को प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार ने उद्यम सखी योजना का शुभारंभ किया है। योजना का उद्देश्य देश की महिलाओं को स्वावलंबी, सशक्त बनाने के लिए स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। समाज के सभी वर्ग की महिलाओं को कारोबार स्थापित करने के लिए समान अवसर प्रदान करने के लिए बाजार के मांग के अनुसार कम लागत वाली उत्पादों के कारोबार से संबंधित जानकारी, प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता प्रदान करना है। साथ ही सूक्ष्म, लघु और माध्यम उद्योग जैसे खादी ग्राम उद्योग एवं अन्य कुटीर उद्योग को बढ़ावा देना है एवं इस क्षेत्र में नये महिला उद्यमियों कारोबार स्थापित करने के सभी संभव सहायता उपलब्ध कराना है।

उद्यमी सखी पोर्ट पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए क्लिक करिये उद्यम सखी योजना
इस पेज पर दिए विकल्प क्रियेट एन अकाउंट के अंतर्गत अपना नाम, जन्म तिथि, इमेल आईडी, मोबाइल नंबर आदि भरने के बाद रजिस्ट्रेशन टाइप में दिए गए विकल्पों में से एक विकल्प का चयन करने बाद नीचे दिए विकल्प Creat an account पर क्लिक करना है। इसके बाद कुछ अन्य प्रक्रिया के बाद इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन हो जाता है।

पीएम धनलक्ष्मी योजना
पीएम धनलक्ष्मी योजना को देश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा  शुरू किया गया है । इस योजना के अंतर्गत देश की जो महिलाएं अपना खुद का रोजगार, व्यवसाय शुरू करना चाहती है तो उन्हें केंद्र सरकार द्वारा पांच लाख रुपये तक का लोन मुहैया कराया जाएगा। जो भी ब्याज इस धनराशि में लगेगा वो सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस प्रधानमंत्री धन लक्ष्मी योजना 2020 के तहत देश की गरीब और माध्यम वर्गीय महिलाओं को लाभांवित किया जाएगा। देश की जो महिलाएं पांच लाख रुपये तक का लोन प्राप्त करना चाहती है। तो उन्हें योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

रेलवे स्टेशन के वेटिंग हॉल में बेबी फीडिंग कॉर्नर की सुविधा

waiting hall - फोटो : अमर उजाला।
रेलवे स्टेशनों पर अब महिलाएं अपने बच्चों को निश्चिंत होकर दूध पिला सकती हैं। भीड़-भाड़ में उन्हें शर्मिंदा नहीं होना पड़ेगा। रेलवे ने स्टेशनों पर बेबी फीडिंग कॉर्नर स्थापित किया जा रहा है। गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर यह सुविधा शुरू हो गई है।

58 साल की महिला को 50 प्रतिशत किराए में छूट
रेलवे में 58 साल की महिला को वरिष्ठ नागरिक की सुविधा दी जाती है। ट्रेनों में टिकट रिजर्व कराते समय किराया में 50 प्रतिशत छूट मिलती है। आरक्षण फार्म पर उम्र लिखने से ही किराए मेें रियायत मिल सकती है। ट्रेन में यात्रा के दौरान टीटीई उम्र से संबंधित फोटोयुक्त पहचान पत्र मांग सकते हैं। दिखाना अनिवार्य है।

45 साल से ऊपर लोअर बर्थ की प्राथमिकता
टिकट के रिजर्वेशन में महिलाओं को लोअर (सबसे नीचे वाली) बर्थ आवंटित करने की प्राथमिकता है। यह सुविधा 45 साल या इससे अधिक उम्र की महिला को देने का प्रावधान है। यह सुविधा पाने के लिए टिकट बुक कराते समय आरक्षण आवेदन पत्र पर लोअर बर्थ के आगे टिक करना होगा।

महिला सुरक्षा हेल्पलाइन

182
रेलवे में महिलाओं के लिए महिला सुरक्षा हेल्पलाइन की सुविधा दी गई है। 182 टोल फ्री नंबर पर कॉल करते ही शिकायत दर्ज हो जाएगा। शिकायतकर्ता के मोबाइल पर मैसेज भी आएगा। जिस रेल मंडल में शिकायत होगी वहां के सुरक्षाकर्मी तत्काल सहायता मुहैया कराएंगे।

स्टेशन पर सेनेटरी पैड की सुविधा
रेलवे स्टेशनों पर सेनेटरी पैड की सुविधा उपलब्ध है। गोरखपुर सहित कई रेलवे स्टेशनों पर सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन लगाई गई है। पांच रुपये का सिक्का मशीन में डालते ही पैड निकल जाएगा। खास बात यह है कि सेनेटरी पैड को मशीन में ही नष्ट किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व वंदन योजना
इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाएं दी जाती हैं। अभियान के तहत हर महीने के 9वें दिन लाभार्थियों को प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं दे जाती है। इसमें पंजीकृत स्वास्थ्य संगठन भी सहयोग करती है। योजना का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर एडमिट कराना होगा। इसके बाद ही योजना का लाभ मिल सकेगा। गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण पर एक हजार रुपये, छह महीने पर  दूसरा टीका लगाने पर दो हजार, प्रसव के तीन महीने बाद टीकाकरण होने पर दो हजार रुपये दिए जाते है।

सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन)

women's day - फोटो : twitter
मातृत्व एवं नवजात मृत्यु को रोकने के उद्देश्य से सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाली हर महिला और नवजात शिशुओं के लिए सम्मान, आदर, गुणवत्ता के साथ निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं देना है। इसका लाभ लेने के लिए निकट के स्वास्थ्य केंद्रों पर आना होगा।

जननी सुरक्षा योजना
प्रसव और प्रसव के बाद देखभाल के साथ नकद की मदद गर्भवती महिलाओं को प्रसव के बाद दिया जाता है। यह राशि एक मुश्त प्रसव के बाद महिलाओं को उनके खाते में भेजी जाती है। इसके लिए अनिवार्य शर्त यह है कि उनका प्रसव जिला अस्पताल या फिर निकट के सीएचसी और पीएचसी पर होना चाहिए। इसमें प्रसव के बाद 1400 रुपये ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को और एक हजार रुपये शहरी क्षेत्र की महिलाओं को देने की योजना है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को 40 दिन तक सरकारी अस्पतालों इलाज पर कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा ।

राष्ट्रीय किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम
इस योजना के तहत किशोरियों को सैनेटरी नैपकिन देने की योजना है। इसके लिए आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम घर-घर जाकर लोगों को पांच रुपये में सस्ते दामों पर सैनेटरी नैपकिन देती है।

महिला समृद्धि योजना

women's day - फोटो : Social media
केंद्र सरकार द्वारा चलायी जा रही ग्रामीण महिलाओं के लिए एक विशेष योजना है। इस योजना के तहत ग्रामीण एवं शहरी जरूरतमंद और जरूरती महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है। इस योजना में डाक घर द्वारा मांगे जाने वाली जरूरी दस्तावेज महिला को देना होगा। महिला की पारिवारिक आय 1.5 लाख रुपये से अधिक होनी चाहिए। अगर वार्षिक आय इससे कम है तो डाकघर लोन की राशि से 50 प्रतिशत ही दी जाएगी। इसमें आवेदक को अधिकतम 60 हजार रुपये तक का लोन डाकघर से मिल सकता है। इसमें 95 प्रतिशत लोन आवेदक को और 5 प्रतिशत प्रोसेसिंग फीस है। इसका ब्याज दर 3 से 4 प्रतिशत हो सकता है तथा इसे 6 महीने से लेकर 4 साल से बीच वापस जमा किया जाना है।

छूट का लाभ ले सकती हैं महिलाएं
तीन साल पहले सरकार ने पासपोर्ट बनवाने वाली महिलाओं के लिए खासी छूट दी है। इसके तहत महिलाओं को अब पासपोर्ट में अपना नाम बदलने के लिए शादी या तलाक को सर्टिफिकेट जमा नहीं करने होंगे। महिलाएं पासपोर्ट आवेदन पर मात्र अपना नाम, माता पिता का नाम लिख सकती हैं। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में संपर्क करके छूट का लाभ लिया जा सकता है।

कलेक्ट्रेट: बच्चों को दूध पिलाने के लिए होगा खास कमरा
कलेक्ट्रेट की नई इंटीग्रेटेड इमारत में महिलाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। बच्चों को दूध पिलाने वाली महिला कर्मचारियों, फरियादियों के लिए एक अलग कमरा होगा जहां वे अपने लाडले को दूध पिला सकेंगी। इसके अलावा वहां बच्चों के लिए एक किड जोन भी होगा। कलेक्ट्रेट की वर्तमान इमारत को 100 साल से अधिक हो गए हैं लिहाजा नई इमारत बनाने की योजना तैयार की गई है। इसका प्रस्ताव राजस्व विभाग से स्वीकृत होकर वित्त विभाग पहुंच गया है। वहां से कैबिनेट के पास स्वीकृति के लिए फाइल जाएगी। कैबिनेट की मुहर लगते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

मदद को डायल करें 112, 1090

women's day - फोटो : Social media
महिला अपराध मसलन फोन कॉल, संदेश या फिर किसी भी परेशानी में पुलिस की मदद के लिए 1090 पर डायल कर सकती हैं। इसके अलावा तत्काल सुरक्षा पाने के लिए 112 पर डायल किया जा सकता है। इस पर फोन रिकॉर्ड होता है और तत्काल पुलिस को आपके पास पहुंचना ही होता है।
 
हेल्प लाइन 181 पर लें मदद
महिलाएं अपनी किसी भी समस्या के लिए 181 पर भी काल कर सकती हैं। 24 घंटे की ये सेवा होती है, इसमें कभी भी महिलाएं फोन कर सकती है। महिलाओं के नाम गोपनीय रखे जाते हैं।

रात में जरूरत पर घर छोड़ेगी पुलिस
पुलिस की ओर से चलने वाली पुलिस वैन भी महिलाओं की मदद के लिए मुस्तैद रहती है। वैसे तो किसी भी समय सुरक्षा के लिए पुलिस को बुलाया जा सकता है मगर रात 9 बजे के बाद यदि टैक्सी ना मिले तो डायल 112 पर फोन कर पुलिस की विशेष मदद ली जा सकती है।

थाने में महिला हेल्प डेस्क
अगर शिकायत लेकर महिलाएं थाने में जाती है तो उनके लिए महिला हेल्प डेस्क बनाई गई है। जहां पर महिला पुलिस की तैनाती होती है और अपनी बात वह उससे खुलकर कर सकती है।

एंटी रोमियो टीम

women's day - फोटो : social media
कोचिंग, स्कूल, कॉलेज में आने जाने के दौरान सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो टीम गठित है। हर थाने पर यह टीम है और इनके पास सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी हैं। कोचिंग, सार्वजनिक स्थानों पर इनके नंबर मौजूद हैं।

वैन में भी महिला पुलिसकर्मी
पुलिस की डायल 112 सेवा में महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। कई बार यह होता है कि फोन करने पर पुलिस जाती हैं तो लेकिन पुरुष सिपाही होने पर महिलाएं उन्हें परेशानी बताने में खुद को असहज समझती हैं।


शराब की दुकानों के आसपास पर पुलिस की चौकसी
शराब की दुकानों के आसपास खासतौर पर शाम में एकत्र लोग छींटाकशी करते हैं। गोरखपुर पुलिस की ओर से इसे लेकर अभियान चलाया जा रहा है। कई दुकानें जहां पर शराब पिलाया जाता था, उस पर अंकुश लगाया गया है। वहां पर मौजूद दुकानों में सीसी टीवी कैमरों की मदद से पुलिस निगरानी कर रही है। ऐसी परेशानी होने पर तत्काल 112 पर संपर्क करें।

रिश्तों से परेशान होने पर काउंसलिंग की व्यवस्था
अगर कोई लड़की या महिला अगर अपनों से परेशान हैं तो इसकी गोपनीय शिकायत महिला थाने में कर सकती हैं। वहां पर काउंसलर भी हैं जो समस्या को सुनकर उसे निपटाने की कोशिश करते हैं और बातचीत कर समस्या का हल करते हैं। जरूरत पड़ी तो केस भी दर्ज कराया जाता है।

मातृत्व, शिशु व बालिका मददगार योजना से मिलेगा लाभ योजना

women's day - फोटो : Social media
गोरखपुर। यूपी सरकार की मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना अत्यंत लाभकारी है। पंजीकृत श्रमिक अपनी बेटियों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ श्रम विभाग से प्राप्त कर सकते हैं।

मातृत्व हितलाभ योजना
महिला कर्मकार के संस्थागत प्रसव के उपरांत उसकी ओर से नियमानुसार निर्धारित प्रारूप पर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने एवं संस्थागत प्रसव सत्यापित हो जाने की दशा में संबंधित महिला कर्मकार को मातृत्व हितलाभ के रूप में उसकी श्रेणी के अनुरूप निर्धारित न्यूनतम वेतन की दर से तीन माह के वेतन के समतुल्य धनराशि दी जाती है। इसके साथ ही महिला निर्माण श्रमिक को एक हजार की अतिरिक्त धनराशि चिकित्सा बोनस के रूप में दी जाती है। महिला निर्माण श्रमिक के गर्भपात होने की दशा में उसे, उसके छह सप्ताह के वेतन के समतुल्य धनराशि दी जाती है। योजना के अंतर्गत पुरूष कामगारों की पत्नियों को भी इस योजना का लाभ दिया जाता है जिसमे उसे दो किस्तों में छह हजार की धनराशि दी जाती है।

ये है आवेदन की प्रक्रिया
महिला कर्मकार या उसके परिवार के किसी सदस्य की ओर से योजना का लाभ पाने के लिए प्रसव के एक वर्ष के अंदर निकटस्थ श्रम कार्यालय अथवा संबंधिम तहसील कार्यालय में तहसीलदार को अथवा संबंधित विकास खंड कार्यालय में खंड विकास अधिकारी को निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन पत्र दो प्रतियों में प्रस्तुत किया जाएगा। आवेदन पत्र के साथ संबंधित कर्मकार को चिकित्साधिकारी की ओर से जारी किया गया प्रसव प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा।
 
शिशु हितलाभ योजना
शिशु हितलाभ योजना के अंतर्गत सभी महिला व पुरूष श्रमिक दो बच्चों तक तक योजना का लाभ पा सकता है। इसमें उन्हें लड़का होने पर 10 हजार एवं लड़की होने पर 12 हजार रुपये की धनराशि शिशु के दो वर्ष की आयु के भीतर दी जाती है।

ये है आवेदन की प्रकिया
श्रमिक या उसके परिवार के किसी सदस्य की ओर से योजना का लाभ पाने के लिए प्रसव के एक साल के भीतर निकटस्थ श्रम कार्यालय अथवा संबंधित तहसील के तहसीलदार या संबंधित विकास खंड कार्यालय में खंड विकास अधिकारी को निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन पत्र दो प्रतियों में प्रस्तुत किया जाएगा। आवेदन पत्र के साथ संबंधित कर्मकार को चिकित्साधिकारी की ओर से जारी जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। श्रमिक इस योजना का लाभ दो संतानों के जन्म तक पा सकते हैं।

बालिका मदद योजना

women's day - फोटो : अमर उजाला
बालिका मदद योजना के अंतर्गत श्रमिक को पुत्री होने की स्थिति में पुत्री के नाम से 20 हजार रुपये की एफडी उसके नाम से हो जाएगी। 18 वर्ष की उम्र पूरी करने पर उसे एफडी की धनराशि व्याज सहित मिल जाएगी।
ये है पात्रता

सभी पंजीकृत महिला व पुरूष निर्माण श्रमिक जो न्यूनतम एक वर्ष से सदस्य हो तथा अंशदान जमा किया हो, परिवार में जन्मी पहली बालिका को लाभ मिलेगा दूसरी को तभी मिलेगा जब दोनो संतानें बालिका हों, यदि पहली और दूसरी प्रसव में एक से अधिक बालिकाएं जन्म लेती हैं तो सभी को लाभ मिलेगा। कानूनी रूप से गोद ली हुई बालिका को प्रथम बालिका मानते हुए उसे भी योजना का लाभ मिलेगा। बालिका के जन्म का पंजीकरण जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य रुप से देना होगा। 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर यदि पुत्री का निधन हो जाता है तो जमा की रकम बोर्ड को वापस हो जाएगी। भारत  व उत्तर प्रदेश सरकार की किसी अन्य योजना में लाभ न लिया हो।

समाज कल्याण विभाग की योजनाएं कारगर
गोरखपुर। समाज कल्याण विभाग की तरफ से गरीब और कमजोर वर्ग के लिए अनेक योजनाएं संचालित होती हैं। इसका लाभ कौन पास सकता है उसके लिए एक मानक तय किया गया है। बहुत से पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में उसका लाभ नही उठा पाते हैं। कौन सी प्रमुख योजनाएं हैं कौन उसके लिए पात्र है कैसे उसका लाभ मिल सकता है। उसके बारे में बताया जा रहा है।
 
वृद्धावस्था पेंशन योजना
वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत जनपद में 103951 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। पहले इसके पेंशन की धनराशि 400 रुपये थी। अब इसे 500 रुपये कर दी गई है। वृद्धावस्था पेंशन के लिए एसएसपीवाई-अप.जीओवी.इन की वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन करना है।

पात्रता:
लाभार्थी की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों की वार्षिक आय 46080 एवं शहरी क्षेत्र के लिए 56460 से  अधिक नहीं होनी चाहिए।
वृद्धावस्था की पेंशन सीधे निदेशालय समाज कल्याण लखनऊ के द्वारा लाभार्थियों के खाते में तीन महीने पर भेजी जाती है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 19787 नये वृद्धा पेंशनरों को लाभान्वित कर समाज कल्याण विभाग ने प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। इसके लिए समाज कल्याण  अधिकारी को सम्मानित किया गया।

पारिवारिक लाभ योजना

women's day - फोटो : Social media
इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु हो जाने पर उसके आश्रित को 30000 की एक मुश्त धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाती है। इस योजना में आवेदक की मृत्यु से एक वर्ष के अंदर एनएफबीएस.यूपीएसडीसी.जीओवी.इन  की वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना लाभार्थियों के लिए 51000 प्रति जोड़े की शादी पर खर्च किया जाता है। इसमें 35000 कन्या के खाते में भेजा जाता है। प्रत्येक वैवाहिक जोड़े के लिए 10000 का सामान खरीद कर वर वधू को उपहार के लिए दिया जाता है। इसके अलावा 6000 कार्यक्रम के आयोजन पर खर्च किया जाता है।

 पात्र: परिवार की आय 2 लाख से अधिक नही होनी चाहिए। बेटी की आयु 18 तो वर की आयु 21 से कम नहीं होनी चाहिए। बेटी का बैंक पासबुक, आधार कार्ड, वर का आधार कार्ड होना जरूरी है।  

महिलाओं को मिला है कानूनी संरक्षण
केंद्र और राज्य के विभिन्न कानून महिलाओं को संरक्षण प्रदान करते हैं। पीड़ित महिला सीधे पुलिस से शिकायत कर सकती है या फिर सक्षम अदालत का दरवाजा खटखटाकर न्याय प्राप्त कर सकती है। महिलाओं पर होने वाले हर संभव अपराधों से उन्हें संरक्षित करने का प्रयास हुआ है। हम यहां कुछ कानूनों के बारे में जानकारी बांटने का प्रयास कर रहे हैं।

भरण पोषण का अधिकार

womens day - फोटो : womens day
निराश्रित महिलाओं को भरण पोषण प्राप्त करने का हक है। प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व होता है कि वह अपनी असमर्थ पत्नी, नाबालिग बच्चों और अशक्त माता पिता का अपनी क्षमता के अनुसार भरण पोषण करें। यदि वह ऐसा नहीं करता है और उन्हें बेसहारा छोड़ देता है तो उसके विरुद्घ हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 में कुटुंब न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया जा सकता है। इस न्यायालय में अधिवक्ताओं की कोई आवश्यकता नहीं होती। निर्धारित प्रारूप पर आवेदन किया जा सकता है। जिसके विरुद्घ शिकायत की गई है, न्यायालय उसे नोटिस जारी कर भरण पोषण का आदेश पारित कर देगा। आदेशित धनराशि का भुगतान न करने पर कुर्की, गिरफतारी भी हो सकती है।

घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण
साझी गृहस्थी में रोज रोज के झगड़े हों या पति और अन्य ससुरालियों का विभिन्न प्रकार से उत्पीड़न, इसके लिए 2005 में घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम पारित किया गया। इसमें भरण पोषण से लेकर हर प्रकार की हिंसा से महिलाओं को संरक्षित किया गया है। घरेलू हिंसा की शिकायत के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी को संरक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है। पीड़ित महिला स्वयं या उनके माध्यम से सक्षम न्यायालय में परिवाद दाखिल कर सकती हैं। इसमें कोर्ट हर प्रकार का संरक्षण प्रदान करता है और भरण पोषण का भी आदेश दे सकता है। इसकी सुनवाई ग्राम अदालतों में भी होती है।

भारतीय दंड संहिता
महिलाओं के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों मामले में जैसे दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या, छेड़खानी और बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास या मृत्यु दण्ड तक का प्रावधान है। महिलाएं झिझक छोड़कर अपने विरुद्ध होने वाले किसी अपराध की सूचना पुलिस को देकर मुकदमा दर्ज करा सकती हैं। 

दहेज से बचाव

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
दहेज के लिए प्रताड़ित करने और अन्य मामलों के लिए दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया गया है। इसमें दहेज देना और लेना दोनों अपराध है। शादी के पहले या बाद में दहेज के लिए प्रताड़ित करने के मामले में इस अधिनियम के तहत पुलिस से शिकायत की जा सकती है। मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला अदालत में पहुंचता है।

सुरक्षा कवच है पॉक्सो एक्ट
पॉक्सो एक्ट सहित अन्य कई आपराधिक कानून हैं जो महिलाओं को सुरक्षा और संरक्षा प्रदान करते हैं। आवश्यकता केवल इस बात की है कि महिलाएं अपने अधिकारों को जाने और अपने ऊपर हो रहे अत्याचार को पुलिस और अदालत के समक्ष ले जाएं।   
 
महिलाओं की यात्रा सुगम
पिंक बस सेवा: परिवहन निगम महिलाओं को पिंक बस सेवा उपलब्ध करता है। रेलवे स्टेशन बस डिपो से चलने वाली पिंक बस अलग-अलग शहरों में जाती हैं। लखनऊ की बस सुबह 7.45 बजे, 9 बजे और सुबह 11.30 बजे मिलती है। इसका स्टापेज पैडेलगंज भी है। नई दिल्ली के लिए पिंक बस दोपहर 1.30 बजे और शाम 5 बजे मिलती है। 
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छात्राओं के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित

MMMUT - फोटो : अमर उजाला
बेबी फीडिंग सेंटर: जिले के रेलवे बस स्टेशन, कचहरी बस स्टेशन एवं नौसड़ बस स्टेशन पर माताएं अपने बच्चों को स्तनपान करा सकें इसके लिए वहां बेबी फीडिंग जोन बनाया गया है।
महिला यात्रियों के लिए पिंक कोच

रेलवे ने महिला यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में महिला कोच का रंग पिंक कर दिया है। इसका नाम पिंक कोच रखा गया है। यह रंग महिला यात्रियों को कोच पहचानने में मदद करेगा। भीड़भाड़ में अक्सर महिलाएं अपने कोच तक नहीं पहुंच पाती थीं, इस कारण ऐसी व्यवस्था की गई है।

दामिनी एप: दामिनी एप के माध्यम से महिलाएं यात्रा के दौरान किसी भी तरह की शिकायत रोडवेज से कर सकती हैं। इसके लिए महिलाओं को मोबाइल पर गूगल प्ले स्टोर से दामिनी एप डाउनलोड करना होगा, जिससे वह शिकायत दर्ज करा सकें।

पैनिक बटन: महिला सुरक्षा की दृष्टि से परिवहन निगम अब अपने बसों में पैनिक बटन लगवा रहा है। इस बटन को दबाते ही महिलाओं को परिवहन निगम के साथ ही पुलिस की भी सहायता मिलेगी।

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। बीटेक में प्रवेश लेने वाली 20 टॉपर छात्राओं को स्थापना दिवस पर टैबलेट दिया जाता है।

शिकायतों के निस्तारण को बना है महिला प्रकोष्ठ
एमएमएमयूटी में महिला शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्राओं की समस्याओं व शिकायतों के निस्तारण के लिए महिला प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। इस प्रकोष्ठ में बाह्य सदस्य के रूप में सीमा मुमताज एडवोकेट को नामित किया गया है।

चार महिला छात्रावास है, एक निर्माणाधीन
महिलाओं के लिए चार छात्रावास हैं। एक छात्रावास निर्माणाधीन है। छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरें लगे हैं और 24 घंटे सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी रहती है।
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