पति मजदूरी करत रहलें, लॉकडाउन में काम नाहीं बा, लेकिन रोज शराब पीयत हवें। जउन जमीन रहल उ गिरवी रखकर दस हजार ले लेहलें। साहब! कुछ कार्रवाई करीं। पुलिस दफ्तर में बुधवार को पहुंची सिकरीगंज की मीरा की फरियाद सुनकर पुलिसकर्मी परेशान हो गए कि ऐसे मामलों में वे करें तो क्या करें?
पुलिस के मुताबिक लॉकडाउन में इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मजदूरों को काम नहीं मिल रहा। ऐसे में जो मजदूर शराब के लती हैं, उनके घरों में रोजाना झगड़ा हो रहा है। घर की महिलाएं और बच्चे प्रताड़ना झेल रहे हैं।
पुलिस तक मामला पहुंचता है तो वह आरोपी को थाने लाती है। उसे समझा-बुझाकर घर भेज देते हैं, लेकिन वह शराब पीना नहीं छोड़ता। कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार, इस तरह की पांच से सात शिकायतें रोजाना मिल रही हैं।
पुलिस कई मामलों में घर में हंगामा करने वालों पर 151 के तहत कार्रवाई भी कर रही है, लेकिन इसका डर भी चंद दिन ही रहता है। गृह कलह की वजह से आत्महत्या की कई घटनाएं भी सामने आई हैं। अभी हाल में खुदकुशी के दो मामलों की जांच में वजह शराब ही सामने आई।