दरभंगा से नई दिल्ली की यात्रा के दौरान गंभीर रूप से बीमार पड़ने वाली 71 वर्षीय महिला यात्री प्रेमलता देवी ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी को उनकी जान बचाने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के शहर के गोरखपुर रेलवे स्टेशन की व्यवस्था को उच्च श्रेणी का बताया। कहा, रेलकर्मी सिर्फ रेलवे स्टेशन पर ही नहीं, जिला अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भी उनके साथ रहे। आवश्यकता पड़ी तो एयर एंबुलेंस से दिल्ली भी भेजा। यह सेवा कार्य अन्य के लिए एक उदाहरण है। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है।
जानकारी के मुताबिक 18 नवंबर को स्टेशन अधीक्षक वाणिज्य कार्यालय में तैनात डिप्टी एसएस कामर्शियल एसएन द्विवेदी को सूचना मिली कि 02569 दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन के बी-6 कोच में यात्रा कर रहीं प्रेमलता देवी की तबीयत अचानक खराब हो गई है। डिप्टी एसएस कामर्शियल ने तकनीशियन सवारी एवं माल डिब्बा (यात्री मित्र) प्रशांत कुमार मिश्रा को अलर्ट कर दिया। ट्रेन के गोरखपुर पहुंचते ही प्रशांत ने बीमार यात्री को उतार लिया और 108 नंबर के माध्यम से एंबुलेंस बुला ली। प्लेटफॉर्म पर ही प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल से मेडिकल कालेज जाते समय एंबुलेंस जाम में फंस गई। यात्री मित्र ने एसएसपी के सहयोग से एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज पहुंचवाया और प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार से भी वार्ता की। कालेज में समुचित इलाज नहीं मिला। ऐसे में महिला के परिजनों के अनुरोध पर यात्री मित्र ने एयर इंडिया के डायरेक्टर से बात कर एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर दी। दिल्ली में समय से इलाज होने पर प्रेमलता पूरी तरह ठीक हो गईं। इसपर उन्होंने ट्वीट कर धन्यवाद दिया है। यात्री मित्र के सेवा भाव से पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने भी प्रसन्नता व्यक्त की है।
139 पर भी दे सकते हैं सूचना
सफर में अगर तबीयत खराब होती है तो कोच कंडक्टर, टीटीई या गार्ड को सूचना दे सकते हैं। हेल्प लाइन नंबर 139 पर भी जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलते ही स्टेशन पर तैनात यात्री मित्र रेलवे के डॉक्टर के सहयोग से उपचार की व्यवस्था करते हैं। इस दौरान ट्रेन खड़ी रहती है। ठीक होने पर यात्री ट्रेन के साथ रवाना हो जाते हैं, लेकिन उन्हें यात्री मित्र को निर्धारित 200 रुपये शुल्क देना पड़ता है।