उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सीएचसी मेंहदावल पर नसबंदी कराने के 48 घंटे बाद महिला की तबीयत खराब हो गई। महिला को पहले जिला अस्पताल फिर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
रविवार को गोरखपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में महिला की मौत हो गई। पति ने नसबंदी प्रक्रिया में बरती गई लापरवाही की वजह से ही पत्नी की मौत होने का आरोप लगाया है। सोमवार को पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
क्षेत्र के ग्राम पंचायत बढया के टोला चनहवा निवासी तूफानी की शादी करीब आठ वर्ष पूर्व मेंहदावल विकास खंड के ग्राम पंचायत मरवटिया में राधा पुत्री राजकुमार निषाद से हुई थी। जिससे एक बेटी व दो बेटे हैं।
तूफानी ने बताया कि 11 जनवरी को पत्नी मेंहदावल सीएचसी में नसबंदी कराने आई थी। नसबंदी के अगले दिन शाम को उसके पेट में दर्द शुरू हुआ तो परिजन सीएचसी मेंहदावल ले गए। चिकित्सकों ने उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। जिला चिकित्सालय से फिर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
रविवार को उपचार के दौरान गोरखपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में पत्नी की मौत हो गई। गोरखपुर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पति का आरोप हैं कि सीएचसी पर नसबंदी के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण पत्नी की मौत हो गई। पति ने मेंहदावल पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।